Wednesday, May 27खबर जो असर करे |
Shadow

Tag: linguistic contribution

प्रखर राष्ट्रवाद में ओझल सावरकर का भाषाई योगदान

प्रखर राष्ट्रवाद में ओझल सावरकर का भाषाई योगदान

लेख
-प्रो. एस.के.सिंह दुनिया में ऐसे बहुत से उदाहरण मिल जायेंगे जहां पर किसी व्यक्ति का जब एक विशेष पक्ष लोकप्रियता के शिखर पर होता है तो उसकी छाया में व्यक्ति की दूसरी महत्वपूर्ण विशेषतायें ओझल हो जाती हैं। नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर की पहचान वैश्विक स्तर पर एक महान दार्शनिक एवं शिक्षाविद् के रूप में है, किंतु इन उपलब्धियों की छाया में उनकी एक दूसरी महत्वपूर्ण विशेषता पेंटिंग (चित्रकला) की प्रतिभा दबकर रह गई एवं उसकी पर्याप्त चर्चा नहीं हो पायी। वस्‍तुत: इसी तरह प्रखर क्रांतिकारी रणनीतिकार एवं कालापानी की कठोर यातनायें सहने वाले स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) की क्रांतिकारी छवि एवं उनके व्यापक संघर्षों की छाया में उनका महत्वपूर्ण ‘भाषाशुद्धि आन्दोलन’ जन-मानस में उतनी ख्याति नहीं पा सका, जिसका कि वह आन्दोलन हकदार था। उन्होंने देवनागरी लिपि को आधुनिक ...