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अवमानना मामले में संजय राउत को सुप्रीम कोर्ट का हाज़िर आदेश, वागले को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग

अवमानना मामले में संजय राउत को सुप्रीम कोर्ट का हाज़िर आदेश, वागले को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग

कानून
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायपालिका के संबंध में उनके बयानों को लेकर चल रहे अवमानना मामले में 17 नवंबर को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया। यह आदेश जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने जारी किया है। साथ ही, पत्रकार निखिल वागले को अदालत में वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया गया। इस बेंच ने 16 अक्टूबर को अवमानना नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया था। पहले सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की याचिका पर न्यायालय ने वागले और राउत दोनों से पूछा था कि उनके खिलाफ अवमानना कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की गई। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालतें व्यक्तिगत स्वतंत्रता या अन्य अधिकारों की रक्षा करने में कभी पीछे नहीं रही हैं, और ऐसी संस्थाओं पर हमले होना ...
सुप्रीम कोर्ट ने 2027 की जनगणना में ओबीसी जातियों के ड्रॉप‑डाउन मेनू की मांग को खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने 2027 की जनगणना में ओबीसी जातियों के ड्रॉप‑डाउन मेनू की मांग को खारिज किया

कानून
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने 2027 की जनगणना के डिजिटल डेटा संग्रह उपकरण में ओबीसी जातियों के लिये पूर्व‑भरे हुए ड्रॉप‑डाउन मेनू उपलब्ध कराने की माँग पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। यह निर्णय मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने लिया, जिसमें बताया गया कि यह मामला “नीतिगत निर्णय” से संबंधित है और न्यायालय का दायरा इससे परे है। न्यायालय ने कहा कि याचिका का निपटारा चल रहा है, परन्तु याचिकाकर्ता को यह अनुमति दी जा रही है कि वह रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त से सीधे संपर्क स्थापित करे। साथ ही, याचिकाकर्ता को यह निर्देश दिया गया कि वह इस याचिका की एक प्रति को “प्रतिवेदन” के रूप में संबंधित अधिकारियों को भेज सके। याचिका में यह माँग की गई थी कि 2027 की जनगणना के डिजिटल डेटा संग्रह टूल में ओबीसी जातियों के लिये पूर्व‑भरे हुए ड्रॉप‑डाउन मेनू प्रदान किया...
सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों की बढ़ती याचिकाओं पर दी चेतावनी, कहा हर प्रोजेक्ट के लिए मंच नहीं बन सकते

सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों की बढ़ती याचिकाओं पर दी चेतावनी, कहा हर प्रोजेक्ट के लिए मंच नहीं बन सकते

कानून
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (हि.स.)— सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के घर खरीदारों द्वारा दायर की जा रही याचिकाओं की संख्या में निरंतर वृद्धि को लेकर चेतावनी जारी की, यह कहते हुए कि वह देश के प्रत्येक समस्याग्रस्त हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए एक मंच नहीं बन सकता। यह टिप्पणी मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नेतृत्व में बनी बेंच ने सुनवाई के दौरान दी। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि हर एक मामले को उच्चतम न्यायालय के सामने लाने से उन लंबित मामलों की सुनवाई में देरी हो सकती है, जिनमें डेवलपर्स और वित्तीय संस्थानों की अनियमितताओं से जुड़ी कानूनी जटिलताएँ शामिल हैं। बेंच ने यह भी कहा कि जिन प्रोजेक्ट्स का उल्लेख मुख्य मामलों में नहीं है, उनके याचिकाकर्ताओं को या तो मुख्य मामले में निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए या फिर संबंधित उच्च न्यायालय या रेरा जैसे मंचों की ओर रुख करना चाहिए। यह टिप्पणी उसी ...
डिजिटल अरेस्ट के जरिए वसूली करने वालों को कड़ी सज़ा: सुप्रीम कोर्ट का चेतावनी संदेश

डिजिटल अरेस्ट के जरिए वसूली करने वालों को कड़ी सज़ा: सुप्रीम कोर्ट का चेतावनी संदेश

कानून
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सर्वोच्च न्यायालय ने आज स्पष्ट रूप से कहा कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर जबरन वसूली करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस प्रकार के साइबर अपराधों को डिजिटल डकैती का दर्जा दिया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि व्यवस्थित साइबर गिरोह विशेष रूप से बुजुर्गों और सेवानिवृत्त लोगों को निशाना बना रहे हैं और उनकी संचित आजीविका को चुरा रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, “यदि कानून में ऐसा कोई प्रावधान या गुंजाइश हो, जिससे इन ‘बेरहम अपराधियों’ को ट्रायल से पहले ही दंडित किया जा सके, तो उसे भी अपनाया जाना चाहिए।” इस बयान के साथ न्यायालय ने दो आरोपी गौरब कुमार साहा और निधि भंडारी की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने देश के 12 राज्यों में दर्ज 35 आपराधिक मामलों को एक ही स्थान, अर्थात् दि...