By: हृदयनारायण दीक्षित
हृदयनारायण दीक्षित प्रकृति माँ है। माँ प्रथमा है। हम सब माँ के अंग हैं। माँ का ही विस्तार हैं। माँ न होती तो हम न होते। माँ सृष्टि प्रकृति की आदि अनादि अनुभूति है। माँ दिव्य है। माँ का अनुभव दिव्यता है। तैत्तिरीय उपनिषद् के ऋषि ने ठीक ही माँ को दे
(लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)...
By: परिचय दास
सहजन के फूलों में नवजीवन का उजास
परिचय दास
वसंत की प्रथम आहट के साथ ही सहजन के पेड़ ने अपनी शाखाओं को नवजीवन के उजास से भर लिया। हल्की ठंडी हवा, धूप की धीमी परछाइयां और कोयल की आवाज के बीच सहजन के फूल अपनी नाज़ुक पंखुड़ियों को खोलने लगे। इन फूलों में एक अलौकिक सादगी थी, जैसे किसी गजल का पहला मिसरा-अनायास, लेकिन भीतर तक स्पंदित कर देने वाला। इन छोटे-छोटे सफेद फूलों की सुगंध में स्मृतियों का एक संसार बसता था। गांव की वह पगडंडी, जहां दुपहरिया की उनींदी हवा में सहजन की डालियां झूलती थीं। उनकी छांव में खेलते बच्चे, दोपहर की थकान से आंखें मूंदकर सुस्ताते किसान और किसी कोने में बैठी कोई स्त्री, जो फूलों को बटोर कर उनकी सब्ज़ी बनाने की सोच रही थी। सहजन का फूल केवल फूल नहीं था, यह किसी विरासत की तरह अगली पीढ़ी को सौंपा जाने वाला एक गीत था-मौन में गाया हुआ लेकिन दिल की गहराइयो...
हरिद्वार, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में स्थित एलिफेंट कैंप में इन दिनों एक नन्हा मेहमान, जो कि एक हाथी का बच्चा है, वन विभाग और पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह नन्हा हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया था और जंगल में असहाय हालत में मिला था। अब यह पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है और कैंप परिसर में अपनी शरारतों से सभी का मन मोह रहा है। राजाजी पार्क की टीम इसकी देखभाल अपने परिवार के बच्चे की तरह कर रही है।
दो सप्ताह पहले, 18 जनवरी को, जब श्यामपुर फॉरेस्ट रेंज के खारा इलाके में वनकर्मी गश्त कर रहे थे, तभी उनकी नज़र इस नवजात गज शिशु पर पड़ी। बच्चा बहुत ही छोटा और अकेला था। वनकर्मियों ने इसकी सूचना तुरंत बड़े अधिकारियों को दी। उसके बाद, अधिकारियों और डॉक्टरों की एक टीम मौके पर पहुंची और नन्हे हाथी का रेस्क्यू किया। काफी प्रयासों के बाद जब इसके हाथी झुंड का कोई...