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Tag: जल संसाधन

महाराष्ट्र के हितों की रक्षा के साथ तेलंगाना की थुम्मिडीहेट्टी सिंचाई योजना में सहयोग का आश्वासन

महाराष्ट्र के हितों की रक्षा के साथ तेलंगाना की थुम्मिडीहेट्टी सिंचाई योजना में सहयोग का आश्वासन

राष्ट्रीय
मुंबई, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य के हितों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए महाराष्ट्र सरकार तेलंगाना की थुम्मिडीहेट्टी सिंचाई परियोजना में पूर्ण सहयोग देगी। लेकिन थुम्मिडीहेट्टी डैम की ऊँचाई को 148 मीटर से बढ़ाकर 152 मीटर करने के प्रस्ताव पर निर्णय लेने से पहले संभावित प्रभावों का स्वतंत्र अध्ययन कराया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और जल संसाधन विभाग के सचिवों की संयुक्त समिति गठित की जाएगी, जो तकनीकी पहलुओं तथा महाराष्ट्र में संभावित जल‑मग्न क्षेत्र का विस्तृत मूल्यांकन करेगी। मुख्य सचिवों की इस बैठक का आयोजन सह्याद्री अतिथिगृह में किया गया, जहाँ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवन्ट रेड्डी तथा उनके प्रतिनिधिमंडल मौजूद थे। तेलंगाना के जल‑संसाधन मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने थुम्मिडीहेट्टी परियोजना के बारे में...
आपदा के डर से ओडिशा सीमा पर भालूगुड़ा एनीकट के सभी 38 जलद्वार खोल दिए गए

आपदा के डर से ओडिशा सीमा पर भालूगुड़ा एनीकट के सभी 38 जलद्वार खोल दिए गए

छत्तीसगढ़, राज्य
जगदलपुर, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। संभावित चक्रवाती वर्षा और बाढ़ की आशंका को देखते हुए छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग ने ओडिशा के साथ समन्वय कर भालूगुड़ा एनीकट पर स्थित सभी 38 जलद्वार आज रविवार को पूर्णतः खोल दिए हैं। यह कदम दो‑दिन बाद, यानी 27‑28 अक्टूबर को संभावित जल आपदा के मद्देनज़र उठाया गया। सामान्य तौर पर, छत्तीसगढ़ शासन की नीति के अनुसार वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद 15 सितंबर तक राज्य की एनीकट योजनाओं के जलद्वार को स्थानीय निस्तारी, सिंचाई और भूजल पुनर्भरण के उद्देश्य से बंद कर दिया जाता है। इस प्रथा को बस्तर क्षेत्र में भी लागू किया गया था। पहले, भालूगुड़ा एनीकट के 38 जलद्वारों में से 28 पूर्व दिशा से सक्रिय थे, जबकि शेष 10 जलद्वार स्थानीय निस्तारी के लिये बंद रखे गये थे। लेकिन ओडिशा जल संसाधन विभाग के विशेष अनुरोध और संभावित चक्रवाती आपदा की चेतावनी को देखते हुए, छत्तीसगढ़ जल ...
आईआईटी रुड़की ने बनाया ‘हाइइको’ मॉडल, बाढ़ में जलजनित रोगों के खतरे का सटीक अनुमान

आईआईटी रुड़की ने बनाया ‘हाइइको’ मॉडल, बाढ़ में जलजनित रोगों के खतरे का सटीक अनुमान

राष्ट्रीय
हरिद्वार, 16 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी रुड़की) के शोध दल ने ‘हाइइको’ नाम का एक नया मॉडल तैयार किया है, जो शहरी बाढ़ के दौरान जलजनित रोगों के प्रसार और जन स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित खतरे को सटीक रूप से अनुमानित करता है। यह मॉडल बाढ़ के पानी की फैलाव सीमा, उसमें मौजूद सूक्ष्मजीवों की गुणवत्ता और संक्रमण के जोखिम का एक साथ मूल्यांकन करता है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों की शीघ्र पहचान कर समय पर बचावात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। शोधकर्ताओं ने इस मॉडल को 2023 में दिल्ली में आई बाढ़ के डेटा के आधार पर परीक्षण किया। परिणामस्वरूप पाया गया कि बाढ़‑प्रभावित 60 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रों को ‘उच्च’ से ‘अत्यधिक उच्च’ स्वास्थ्य जोखिम श्रेणी में वर्गीकृत किया गया। बाढ़ के पानी में मौजूद हानिकारक जीवाणु ई‑कोलाई की मात्रा सुरक्षित मानकों से लाखों गुना अधिक पाई गई। इसी संद...
इंदौर में दूषित जल का प्रबंधन: सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाईयों की आवश्यकता

इंदौर में दूषित जल का प्रबंधन: सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाईयों की आवश्यकता

मध्य प्रदेश, राज्य
इंदौर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में सांवेर तहसील के ग्राम कुमेडी और भांग्या क्षेत्रों में उद्योगों द्वारा दूषित पानी खेतों, खाली जमीन और नालों में छोड़े जाने के मामले का संज्ञान लेते हुए जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कलेक्टर शिवम वर्मा से चर्चा की। मंत्री सिलावट ने नगर निगम आयुक्त और इन्दौर विकास प्राधिकरण के सीईओ को भी इस मुद्दे के संबंध में अवगत कराया और दूषित जल छोड़ने वाली फैक्ट्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री सिलावट के निर्देश पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने अनुविभागीय अधिकारी निधि वर्मा एवं प्रशासनिक टीम को मौके पर कार्रवाई के लिए भेजा। नगर निगम आयुक्त ने भी झोन अधिकारी और सीएआई सहित निगम अमले को मौके पर भेजा। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि डिलाईट इनोवेशन नामक फैक्टरी का आउटलेट चोक हो गया है और वह नाले में गंदा पानी छोड़ रही है। इस पर अ...
रायपुर : बस्तर के पारापुर डायवर्सन योजना के लिए नाै करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत

रायपुर : बस्तर के पारापुर डायवर्सन योजना के लिए नाै करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ शासन **जल संसाधन विभाग** द्वारा **बस्तर जिले** के **विकासखण्ड-लोहांडीगुड़ा** के अंतर्गत **पारापुर डायवर्सन योजना** के कार्यों के लिए **9 करोड़ 30 लाख 11 हजार रुपये** स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत **350 हेक्टेयर** रूपांकित क्षेत्र में **सिंचाई सुविधा** उपलब्ध होगी। योजना के कार्यों को कराने के लिए आज **गुरुवार** को **मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग जगदलपुर** को पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।...
निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं का कार्य समय-सीमा में करें पूर्ण : मंत्री सिलावट

निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं का कार्य समय-सीमा में करें पूर्ण : मंत्री सिलावट

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्‍य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है की प्रदेश में विभिन्न निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं का कार्य समय से पूरा किया जाए। वरिष्ठ अधिकारी परियोजनाओं के कार्य का निरंतर निरीक्षण करें और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। मंत्री सिलावट ने राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय में अपने प्रतिकक्ष में बुधवार को विभाग के अंतर्गत धसान केन कछार सागर में निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा, मुख्य अभियंता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्य से संबंधित निर्माण ऐजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी स्वीकृत परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए विस्तृत कार्ययो...