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Tag: संस्कृति

प्रधानमंत्री ने असम में परिवर्तन पर पबित्रा मार्गेरिटा के लेख पर दी बधाई

प्रधानमंत्री ने असम में परिवर्तन पर पबित्रा मार्गेरिटा के लेख पर दी बधाई

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा द्वारा असम में पिछले 11 वर्षों में शांति, संस्कृति और बुनियादी ढांचे में हुए महत्वपूर्ण सुधारों पर लिखे गए लेख पर बधाई दी। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पबित्रा मार्गेरिटा के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा गया कि उन्होंने एक ऐसे विकास मॉडल पर जोर दिया है जो आर्थिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ संतुलित करता है, क्योंकि राज्य विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप, विकसित असम की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मार्गेरिटा ने एक्स पर एक अंग्रेजी अखबार में 'मोदी के दृष्टिकोण और परिवर्तन का एक दशक' शीर्षक से लिखे अपने लेख में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आज असम के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। मैंने पिछले एक दशक में उनके नेतृत्व में आए बदलाव और उनकी दृष्टि के बारे में लिखा है। मार्गेरिट...
उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष: उपराष्ट्रपति ने राज्य की त्याग और दृढ़ता की सराहना की

उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष: उपराष्ट्रपति ने राज्य की त्याग और दृढ़ता की सराहना की

राष्ट्रीय
देहरादून, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज देहरादून में जागरण मंच का उद्घाटन किया। यह आयोजन उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने उत्तराखंड को त्याग, दृढ़ता तथा राष्ट्र सेवा का प्रतीक बताते हुए राज्यवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उत्तराखंड की स्थापना को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि राज्य का गठन पर्वतीय जनमानस की दीर्घकालिक आकांक्षाओं का लोकतांत्रिक जवाब था और इसने भारत की संघीय प्रणाली की मजबूती को पुनः स्थापित किया। उन्होंने लोकसभा सदस्य के रूप में उत्तराखंड के गठन के विधेयक के पक्ष में मतदान करने के अपने व्यक्तिगत अनुभव को भी साझा किया। देवभूमि उत्तराखंड के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत की सभ्यतागत चेतना में इस राज्य का विशेष...
तातापानी महोत्सव 2026 का भव्य समापन, दर्शकों ने झूम उठी रितेश पांडेय-डिंपल सिंह की जोड़ी पर

तातापानी महोत्सव 2026 का भव्य समापन, दर्शकों ने झूम उठी रितेश पांडेय-डिंपल सिंह की जोड़ी पर

छत्तीसगढ़, राज्य
बलरामपुर, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में आयोजित तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव 2026 का शुक्रशार की देर रात भव्य और यादगार समापन हुआ। समापन संध्या पर भोजपुरी संगीत और नृत्य का ऐसा रंग चढ़ा कि हजारों दर्शक देर रात तक झूमते रहे। भोजपुरी स्टार गायक रितेश पांडेय, चर्चित अदाकारा डिंपल सिंह, गायिका खुशी कक्कड़ और उनकी टीम की शानदार प्रस्तुतियों ने महोत्सव को ऐतिहासिक बना दिया। तातापानी महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शिखर देखने को मिला। मंच पर जैसे ही भोजपुरी सुपरस्टार रितेश पांडेय और डिंपल सिंह की जोड़ी उतरी, माहौल पूरी तरह बदल गया। दोनों की जुगलबंदी ने दर्शकों को अपनी सीटों से खड़े होकर थिरकने पर मजबूर कर दिया। कई दर्शक तो उत्साह में कुर्सियों के ऊपर खड़े होकर तालियां बजाते और नाचते नजर आए। रितेश पांडेय ने एक से बढ़कर एक सुपरहिट भोजपुरी गीतों ...
हिंदू होने का मर्म है विविधता में एकता और आत्मभूतेषु भाव

हिंदू होने का मर्म है विविधता में एकता और आत्मभूतेषु भाव

लेख
By: -------------- भारत एक देश होने के साथ ही एक चेतना है, एक संस्कार है, एक जीवन दृष्टि है। यह वह भूमि है जहां हजारों वर्षों से मानवता को जीने की कला सिखाई गई, जहां विविधता को शक्ति के रूप में देखा गया और जहां अंत:चेतना को ही एकता के लिए समाज की आधारशिला बनाया गया। इसी भारत के स्‍व को स्वर देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने आज जो कहा है, वह हम सभी के लिए गहन रूप से विचारणीय है। वस्‍तुत: ये भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य को जोड़ने वाला वैचारिक उद्घोष है। जिसमें कि उनके शब्द हर हिंदू, हर सनातनी और हर भारतवासी के भीतर यह भाव जगाते हैं कि इस राष्ट्र का चरित्र हमारे आचरण से बनता है और इसकी जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है। डॉ. भागवत का यह कथन है कि भारत एक भौगोलिक इकाई से ऊपर एक चरित्र है, जोकि भारतीय सभ्यता के मूल स्वभाव को रेखांकित करता है। भारत की पहचान उसकी ...
इतिहास के पन्नों में 18 जनवरी: रुडयार्ड किपलिंग का निधन और अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं

इतिहास के पन्नों में 18 जनवरी: रुडयार्ड किपलिंग का निधन और अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं

राष्ट्रीय
[City], 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। जाने-माने ब्रिटिश लेखक और कवि रुडयार्ड किपलिंग का 70 वर्ष की उम्र में 18 जनवरी, 1936 को लंदन में निधन हो गया। औपनिवेशिक काल के दौरान 30 दिसंबर, 1865 में बंबई (वर्तमान मुम्बई) में जन्मे किपलिंग को मुख्य रूप से उनकी पुस्तक "द जंगल बुक" (1894), 'किम' (1901), 'द मैन हु वुड बी किंग' (1888) और उनकी लिखी कविताओं के लिए जाना जाता है। उनके लिखे बाल साहित्य कालजयी कृतियों में गिने जाते हैं। सन 1907 में उन्हें साहित्य के लिए 'नोबेल पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। पुरस्कार के प्रशस्ति पत्र में कहा गया कि "आलोचना की शक्ति का महत्व, कल्पना की मौलिकता, विचारों का पौरूष और असाधारण प्रतिभा जो इस प्रसिद्ध लेखक की रचना के लिए दुनिया में चिह्नित करता है।" अन्य अहम घटनाएंः 2020 - झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के नए अध्यक्ष चुने गये। 20...
उज्जैनः महाकाल महोत्सव का आज दूसरा दिन, शिव तत्त्व पर आधारित प्रस्तुति “शिवा” होगी मुख्य आकर्षण

उज्जैनः महाकाल महोत्सव का आज दूसरा दिन, शिव तत्त्व पर आधारित प्रस्तुति “शिवा” होगी मुख्य आकर्षण

मध्य प्रदेश, राज्य
उज्जैन, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में आयोजित महाकाल महोत्सव 2026 के दूसरे दिन यानी आज गुरुवार को श्री महाकाल लोक में शिव तत्त्व पर आधारित भव्य सांगीतिक प्रस्तुति “शिवा” महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगी। सायं 7 बजे से आयोजित इस विशेष सांस्कृतिक संध्या में देश का प्रतिष्ठित समूह द ग्रेट इंडियन कॉयर (मुंबई) द्वारा भगवान शिव के तत्त्व, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना को स्वरबद्ध किया जाएगा। यह प्रस्तुति संगीत, साधना और शिव अनुभूति का अद्भुत संगम होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि वीर भारत न्यास, विक्रमादित्य शोध पीठ तथा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में उज्जैन में आयोजित पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव का उद्देश्य भगवान शिव के तत्त्व, महाकाल की अवधारणा तथा भारतीय संस्कृति...
उत्तरायणी केवल लोकपर्व नहीं, उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है : पुष्कर सिंह धामी

उत्तरायणी केवल लोकपर्व नहीं, उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है : पुष्कर सिंह धामी

राष्ट्रीय
लखनऊ, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तरायणी केवल लोकपर्व नहीं बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और जड़ों से जुड़ाव का सशक्त प्रतीक है। वे बुधवार को पर्वतीय महापरिषद, लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग पर्व के शुभारम्भ पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लखनऊ में आयोजित यह कौथिग उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की साझा सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का अद्भुत मंच है। उन्होंने कहा कि लोकगीत, लोकनृत्य, लोकभूषा, हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योगों की झलक न केवल हमारी परंपराओं को जीवित रखती है, बल्कि स्थानीय शिल्पकारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ संकल्प को धरातल पर उतारने का सशक्त उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री धामी ने पर्वतीय महापरिषद के 25 वर्षों के सांस्कृ...
गांवों को बचाकर रखना बड़ा सांस्कृतिक जागरण है : डॉ. सच्चिदानंद जोशी

गांवों को बचाकर रखना बड़ा सांस्कृतिक जागरण है : डॉ. सच्चिदानंद जोशी

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रान्ति पर जब सूर्यदेव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं और पूरा देश इस पर्व को मकर संक्रान्ति, उत्तरायण, बिहू, पोंगल और खिचड़ी जैसे विविध रूपों में उत्साहपूर्वक मनाता है, उसी पावन बेला में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन प्रभाग (एनएमसीएम) ने अपना प्रतिष्ठा दिवस सांस्कृतिक वैभव से परिपूर्ण कार्यक्रम के साथ मनाया। यह आयोजन बुधवार को आईजीएनसीए के समवेत सभागार नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्यातिथि रहे केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेश कुमार सिंह, जबकि विशिष्ट अतिथि रहे केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के उप सचिव डॉ. शाह फैसल। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने की और स्वागत भाषण दिया कला निधि प्रभाग के प्रमुख एवं एनएमसीएम के प्रभा...
गांवों को बचाकर रखना बड़ा सांस्कृतिक जागरण है : डॉ. सच्चिदानंद जोशी

गांवों को बचाकर रखना बड़ा सांस्कृतिक जागरण है : डॉ. सच्चिदानंद जोशी

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रान्ति पर जब सूर्यदेव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं और पूरा देश इस पर्व को मकर संक्रान्ति, उत्तरायण, बिहू, पोंगल और खिचड़ी जैसे विविध रूपों में उत्साहपूर्वक मनाता है, उसी पावन बेला में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्रण मिशन प्रभाग (एनएमसीएम) ने अपना प्रतिष्ठा दिवस सांस्कृतिक वैभव से परिपूर्ण कार्यक्रम के साथ मनाया। यह आयोजन बुधवार को आईजीएनसीए के समवेत सभागार नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्यातिथि रहे केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेश कुमार सिंह, जबकि विशिष्ट अतिथि रहे केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के उप सचिव डॉ. शाह फैसल। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने की और स्वागत भाषण दिया कला निधि प्रभाग के प्रमुख एवं एनएमसीएम के प्रभा...
मस्कट पहुंचा आईएनएसवी कौंडिन्य, सर्बानंद सोनोवाल ने किया स्वागत

मस्कट पहुंचा आईएनएसवी कौंडिन्य, सर्बानंद सोनोवाल ने किया स्वागत

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय नौसेना का पारंपरिक नौकायन पोत आईएनएसवी कौंडिन्य गुजरात के पोरबंदर से अपनी पहली समुद्री यात्रा पूरी कर ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मस्कट स्थित पोर्ट सुल्तान काबूस में पोत और उसके चालक दल का स्वागत केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने किया। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा भारत और ओमान के बीच लगभग 5,000 वर्ष पुराने समुद्री संबंधों को पुनर्जीवित करने का प्रतीक है। यह अभियान भारत और ओमान के बीच गहरे समुद्री, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को रेखांकित करता है, जो सहस्राब्दियों से व्यापार और समुद्री संपर्क के माध्यम से विकसित हुए हैं। इस यात्रा का विशेष महत्व इसलिए भी है, क्योंकि भारत और ओमान के इस साल कूटनीतिक संबंधों के 70 साल पूरे हो रहे हैं। केंद्रीय मंत्री सर...