
भोपाल, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने बुधवार को अपने मंत्रालय में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन तथा मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के तहत लाभान्वित 27 बच्चों के साथ आत्मीय मुलाकात की और विस्तृत बातचीत की।
मंत्री भूरिया ने बच्चों की शैक्षणिक स्थिति, मौजूदा जीवन परिस्थितियों, व्यक्तिगत समस्याओं और भविष्य की योजनाओं पर गहराई से चर्चा की। उन्होंने प्रत्येक बच्चे को दीपावली के उपहार भी प्रस्तुत कर उनके जीवन में खुशियों और नई आशाओं का संचार किया।
भूरिया ने कहा, “कोविड‑19 महामारी के दौरान अपने माता‑पिता या अभिभावकों को खोने वाले बच्चों की देखभाल, शिक्षा, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। हम इन बच्चों को आगे बढ़ने के लिये हर संभव सहयोग और अवसर प्रदान कर रहे हैं।” उन्होंने बच्चों को आत्म‑विश्वास के साथ पढ़ाई जारी रखने, सपनों को साकार करने तथा जीवन में ऊँचे लक्ष्य निर्धारित करने के लिये प्रोत्साहित किया।
संवाद के दौरान प्रत्येक बच्चे की रुचियों, शैक्षणिक प्रगति और भविष्य में चुने जाने वाले करियर के बारे में विस्तृत जानकारी ली गई। बच्चों की परेशानियों को संवेदनशीलता से सुनते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा सर्वांगीण विकास के लिये प्रतिबद्ध है और उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे।
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना, जिसे 29 मई 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरंभ किया, का उद्देश्य कोविड‑19 से प्रभावित बच्चों को व्यापक सुरक्षा और सहायता प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु में 10 लाख रुपये की निधि, 18‑23 वर्ष की आयु तक मासिक आर्थिक सहायता, तथा 23 वर्ष की आयु पर 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि दी जाती है। इसके अलावा आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, कक्षा प्रथम से बारहवीं तक की पढ़ाई के लिये वार्षिक 20 हजार रुपये की छात्रवृत्ति और उच्च शिक्षा हेतु शैक्षणिक ऋण जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के तहत प्रत्येक पात्र बच्चे को प्रतिमाह 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता के साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नि:शुल्क राशन तथा सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाती है। यह योजना बच्चों को निरंतर पढ़ाई जारी रखने और सम्मानजनक, आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर करने के लिये बनाई गई है।
बच्चों ने अपने भविष्य के सपनों एवं योजनाओं को साझा किया और योजना की अवधि समाप्त होने के बाद भी सहयोग जारी रखने का अनुरोध किया।
