
जगदलपुर, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। बंगाल की खाड़ी में विकसित चक्रवाती तूफान मुरासु के प्रभाव ने छत्तीसगढ़ के दक्षिणी भाग, विशेष रूप से बस्तर संभाग में आज सुबह से ही मौसम में स्पष्ट परिवर्तन लाया है। सुबह के समय बादल घिरे हुए थे और दिन भर रुक‑रूक कर हल्की बूंदाबांदी होती रही; पिछले रात में भी बस्तर के कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, 03 नवंबर को बस्तर में तेज़ रफ़्तार हवाओं के साथ मध्यम बरसात की पूरी संभावना है।
एसपी चंद्रा, जो एचपी मौसम वैज्ञानिक हैं, ने बताया कि चक्रवात मुरासु वर्तमान में पश्चिम‑उत्तर‑पश्चिम दिशा में गति कर रहा है। जबकि छत्तीसगढ़ इस तूफान के केंद्र से दूर है, इसके बाहरी बादल बैंड का आंशिक प्रभाव 03 नवंबर को बस्तर संभाग के विभिन्न हिस्सों में स्पष्ट रूप से महसूस होगा। इस दौरान सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर के कई इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से ठंडी और तेज हवाएँ चलने की संभावना है। रुक‑रूक कर गरज‑चमक के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बौछारें पड़ने का अनुमान है। इन मौसमी बदलावों के कारण दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
चक्रवाती तूफान मुरासु से बस्तर के किसानों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया है। इस समय क्षेत्र में धान कटाई और मिंजाई का काम जारी है, और अचानक होने वाली बारिश व तेज़ हवाओं से खलिहानों में रखी फसल को नुकसान पहुँच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटे हुए फसल को तिरपाल से ढक कर सुरक्षित रखें या उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाएँ, जिससे संभावित नुकसान को न्यूनतम किया जा सके। सभी संबंधित विभागों से अनुरोध है कि वे इस मौसमीय स्थिति पर करीबी निगरानी रखें और आवश्यक समय पर अतिरिक्त चेतावनियाँ जारी करें।
