
जगदलपुर, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। बस्तर जिले के सातों ब्लॉकों में स्थित 485 उचित मूल्य दुकानों के संचालक ने रविवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। इस हड़ताल का असर सोमवार तक भी बना रहा, जिससे पूरे जिले की राशन दुकानें बंद रह गईं। दुकान मालिकों ने कहा है कि वे तब तक वितरण को फिर से शुरू नहीं करेंगे जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
राशन विक्रेता संघ के जिलाध्यक्ष अजंबर सेठिया ने बताया कि आंदोलन रविवार को शुरू हुआ और आज भी जारी है। उन्होंने कहा, “हमारी कमीशन पिछले 21 सालों से नहीं बढ़ी है। हमें कमीशन, पेंशन और कार्रवाई के नियमों में बदलाव चाहिए। साथ ही हर राशन दुकान के लिए परिवहन की व्यवस्था सरकार द्वारा सुनिश्चित की जानी चाहिए।” उन्होंने पोर्टल पर स्टॉक के स्वचालित बढ़ने या शून्य होने की तकनीकी गड़बड़ी को बंद करने की भी मांग की।
दुकान मालिकों की अन्य प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं: प्रत्येक महीने की पहली तारीख को पूरी आवंटित मात्रा उपलब्ध कराई जाए, तौल में अंतर, झड़ती, झुकती, पड़ती और अन्य नुकसान की क्षतिपूर्ति तय हो, बारदाने की राशि का नियमित भुगतान हो, और टीडीएस की कोई कटौती न की जाए।
हड़ताल के कारण बस्तर के सभी 485 उचित मूल्य दुकानों में राशन की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है, जिससे लाभार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है और प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपील की है। प्रशासन ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, परन्तु उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही वार्ता के माध्यम से समाधान निकल आएगा।
