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राज्योत्सव में उच्च शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी बनी युवाओं के आकर्षण का केंद्र, ज्ञान, नवाचार और तकनीक की अनूठी झलक

रायपुर, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग की प्रदर्शनी ने युवाओं, विद्यार्थियों और अभिभावकों को एक ही छत के नीचे विविध विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक, तकनीकी और रोजगार‑सम्बंधी जानकारी प्रदान कर प्रमुख आकर्षण का रूप ले लिया है।

प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के स्टॉल लगे थे, जहाँ आधुनिक शिक्षा‑प्रणाली, डिजिटल सुविधाएँ, नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की विस्तृत झलक दिखायी गई। युवा दर्शक इन स्टॉलों का उत्साहपूर्वक दौरा कर उच्च शिक्षा में चल रहे परिवर्तन, डिजिटल पहल और भविष्य‑के लिये उपलब्ध योजनाओं से परिचित हो रहे थे।

विशेष रूप से ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को एक ही परिसर में विभिन्न विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियाँ, तकनीकी सुविधाएँ और करियर‑ऑप्शन की सम्पूर्ण जानकारी मिलने से उनका चयन प्रक्रिया सरल हो गया। इस पहल की सराहना करते हुए अभिषेक कुमार साहू एवं डॉ. एसआर कमलेश ने कहा, “राज्योत्सव में विश्वविद्यालयों की गतिविधियों एवं शैक्षणिक योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिलना विद्यार्थियों के लिये अत्यंत उपयोगी है। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से विशेषकर ग्रामीण अंचलों के छात्रों को लाभ मिलेगा।”

विनोद कुमार, तुषार, आराध्या, नीरज कुमार, रिया, महेंद्र, विशाल, शिवम, हर्ष, पवित्र, उमाकांत, सुमन अग्रवाल, कुणाल, संजय और राजकुमार सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने स्टॉलों में रुचि दर्शाई। विशाल, हर्ष, पवित्र, उमाकांत, सुमन अग्रवाल, कुणाल, संजय और राजकुमार ने कहा कि “आज के प्रतिस्पर्धी दौर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल अत्यंत आवश्यक है।”

प्रदर्शनी में पीएम‑उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) और डिजिलॉकर जैसी डिजिटल शैक्षणिक पहलें मुख्य आकर्षण बनीं। इन पहलों के माध्यम से संस्थानों में अधोसंरचना, शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार एवं दस्तावेज़ीकरण को सुदृढ़ किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के मार्गदर्शन में ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में नई सरकारी महाविद्यालयों की स्थापना, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे विशेषकर ग्रामीण लड़कियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को घर के निकट उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं।

मंत्री वर्मा ने कहा, “शिक्षा केवल डिग्री नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशिला है। हम उच्च शिक्षा को नई तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास से जोड़ने के लिये प्रतिबद्ध हैं।”

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