Friday, October 30खबर जो असर करे |
Shadow

कहीं नहीं है धन सुरक्षित: आम आदमी की आफ़त, साइबर अपराधी व बैंक अधिकारी दोनों ही जिम्‍मेवार

नोएडा, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के थाना बीटा-2 के एच्क्षर गांव के नजदीक स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की एक शाखा में मैनेजर और कुछ कर्मचारियों के मिलेजुले षड्यंत्र से दर्जनों ग्राहकों के करोड़ों रुपये की गबन की शिकायत दर्ज होते ही आज सुबह से बैंक के बाहर लंबी कतार लगी है। लोगों में यह अफवाह फैल गई कि बैंक के अधिकारी उनकी जमा राशि को हड़प ले रहे हैं। पुलिस ने बड़ी संख्या में बल तैनात करके स्थिति को संभाल लिया है, जबकि कई लोग पिछले तीन दिनों से लगातार बाहर हंगामा कर रहे हैं। बैंक ने इस घटना में शामिल मैनेजर सहित कुल छह कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और विशेष जांच टीम बनाकर जांच चल रही है। बैंक के अधिकारियों ने प्रभावित खाताधारकों को उनकी रकम जल्द से जल्द लौटाने का भरोसा दिलाया, परन्तु जनता का भरोसा अब टूट चुका है और अधिकांश लोग अपना पूरा पैसा निकाले बिना नहीं रह पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनकी भी राशि गबन हो जाएगी।

के गौतम बुद्ध नगर में लगभग 60 शाखाएं हैं। इस घोटाले की खबर से सभी शाखाओं के ग्राहकों में समान आशंका फैल गई है। निलंबित कर्मचारियों की जगह नए स्टाफ ने कार्यभार संभाल लिया है, परंतु वरिष्ठ अधिकारियों के प्रयासों के बावजूद लोग बैंक के किसी भी अधिकारी की बात मानने को तैयार नहीं हैं। कई लोगों ने बताया कि पहले भी इस बैंक में बड़े घोटाले हुए हैं।

पीड़ित सोनू सागर ने कहा कि उनके पिता का इस बैंक में लगभग बीस साल से खाता था, जिसमें 88 लाख रुपये की बचत और 25 लाख की फिक्स्ड डिपॉज़िट थी, जो अब गबन हो गई है। उन्होंने बताया कि 2 लाख का चेक बाउंस हुआ और पता चला कि उनके खाते से पैसा कहीं और ट्रांसफर कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारियों ने 2025 से मिलेजुले तौर पर गबन किया है।

दूसरे पीड़ित आकाश भाटी ने कहा कि उनकी बेटी की गंभीर बीमारी है, परन्तु उनके फिक्स्ड डिपॉज़िट को तोड़कर पैसा ट्रांसफर कर दिया गया, जिससे वे इलाज नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई।

इसी तरह के कई अन्य शिकायतें आई हैं: श्रीचंद ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की राशि को उन्होंने इस बैंक में जमा किया था, परंतु मैनेजर और कर्मचारियों ने उनकी फिक्स्ड डिपॉज़िट को समय से पहले तोड़कर अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया। सरोज ने कहा कि बैंक पर उनका विश्वास समाप्त हो गया है और यदि सरकारी बैंक भी सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी कहां पैसा रखेगा।

थाना बीटा-2 ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उपायुक्त जोन श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि बैंक के बाहर सुरक्षा के लिये अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने कई प्रभावित खाताधारकों के नाम और राशि बताई: श्री चंद – 1 करोड़ 16 लाख, करतारी – 98 लाख 70 हजार, अमिचंद – 10 लाख 34 हजार 466, विजयपाल – 1 करोड़ से अधिक, सुभाष – 1 करोड़ से अधिक, देशराज – 1 करोड़ 18 लाख, सरोज – 76 लाख, विजेंद्र – 88 लाख, आतेंद्र – 15 लाख, चतर सिंह – 8 लाख, विनीत भाटी – 25 लाख, संजय – 10 लाख, बसंती – 13 लाख, गजेंद्र – 30 लाख आदि, सभी को फर्जी तरीके से दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *