
जगदलपुर, 28 अक्टूबर (हि.स.)— राशन विक्रेता कल्याण संघ ने अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि माँगों का समाधान नहीं हुआ तो 1 नवंबर से उचित मूल्य की दुकानें बंद कर दी जाएँगी और संचालक अपनी ई‑पॉस मशीनें संबंधित विभाग को सौंप देंगे। इस संदर्भ में उन्होंने खाद्य मंत्री और जिला प्रशासन सहित कई जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भेज कर स्थानीय समस्याओं के निराकरण की माँग की है।
संघ के अध्यक्ष अजंबर सेठिया ने पत्रकारों से कहा, “हम लंबी अवधि से आवेदन और निवेदन कर रहे हैं, पर ठोस समाधान नहीं मिलने से दुकानदारों को भारी परेशानी हो रही है। अब जिलास्तर की समस्याओं के समाधान तक हम यह आंदोलन जारी रखने का फैसला कर रहे हैं।” उन्होंने रेशन परिवहन के दौरान खाद्यान की मात्रा में कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस कमी का भरपाई दुकानों पर नहीं कराई जानी चाहिए और वास्तविक वजन के आधार पर आवंटन की माँग की।
ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण ई‑पॉस मशीनों से वितरण प्रभावित होने की शिकायत भी ज्ञापन में की गई। संघ ने ऐसी स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की माँग रखी है। साथ ही, लंबित भुगतान, कमीशन और मार्जिन राशि के नियमित भुगतान तथा “हम्माली” जैसे खर्चों को देखते हुए अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की भी अनुरोध किया गया।
राशन दुकानदारों का कहना है कि नेटवर्क या सर्वर की समस्या आने पर ई‑पॉस के माध्यम से रेशन वितरण रुक सकता है, जिससे लाभार्थियों को दोबारा दुकान तक पहुँचने में समय और मजदूरी का नुकसान हो सकता है। वे इस बात पर भी ज़ोर देते हैं कि वैकल्पिक उपाय उपलब्ध कराए जाएँ ताकि रोज़मर्रा की जीविकोपार्जन करने वाले परिवारों को रेशन मिलने में कोई रुकावट न हो। ई‑पॉस प्रणाली में लाभार्थी की पहचान और वितरण का रिकॉर्ड दर्ज होता है; तकनीकी खराबी आने पर प्रक्रिया बाधित हो सकती है, इसलिए समय पर तकनीकी सहायता आवश्यक है।
