
Lucknow, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में सिंगापुर के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों के 14‑सदस्यीय सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस बैठक में लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, अर्बन प्लानिंग और हॉस्पिटैलिटी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े निवेश की इच्छा व्यक्त की गई।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि “आधुनिक सिंगापुर के निर्माता स्व. ली कुआन यू के विज़न ने दिखाया है कि किसी देश की वैश्विक पहचान उसके भू‑आकार से अधिक उसकी दृष्टि, कार्यक्षमता और संसाधनों के कुशल उपयोग से बनती है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12‑वर्षीय नेतृत्व में भारत ने ‘फ्रैजाइल’ अर्थव्यवस्था से बाहर निकलकर अग्रणी एवं सशक्त अर्थव्यवस्थाओं में स्थान पाया है, और इसी तरह उत्तर प्रदेश ने ‘बीमारू’ छवि से बाहर निकलकर ग्रोथ इंजन के रूप में उभरना शुरू कर दिया है।
फरवरी 2026 में सिंगापुर यात्रा के दौरान राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम और प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से हुई मुलाकातों के दौरान लगभग 60 हज़ार करोड़ के निवेश समझौते पर सहमति बनी थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब लक्ष्य इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर उत्पादन शुरू कराना है: “एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग” और “ग्राउंडब्रेकिंग से प्रोडक्शन” तक की पूरी प्रक्रिया में सरकार निवेशकों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
सिंगापुर ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट एक ‘सिंगापुर सिटी’ और हाई‑टेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप के विकास का प्रस्ताव रखा। इस क्षेत्र में 75 हज़ार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है और 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित हो रहे हैं। लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट के 6 स्ट्रैटेजिक नोड्स को 35 हज़ार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने छह प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर जोर दिया: मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, हाई‑टेक मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर एवं क्लाउड सर्विसेज, क्लीन टेक्नोलॉजी (सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन, वेस्ट मैनेजमेंट, वाटर रिसाइक्लिंग), और टूरिज्म व हॉस्पिटैलिटी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन है
