
भोपाल, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में ऑपरेशन मेट्रिक्स 2.0 के अंतर्गत इंदौर के विजय नगर थाना ने मंगलवार को म्यूल बैंक खातों के माध्यम से की गई एक अनुमानित एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। प्रारम्भिक विवेचना में 06 बैंक खातों में लगभग 1 करोड़ रुपये के लेन‑देन की जानकारी मिली। पुलिस ने इन खातों, लेन‑देन तथा संलिप्त व्यक्तियों की विस्तृत जांच चलायी है।
एसीपी पराग सैनी ने बताया कि 26 अक्टूबर 2026 को पुलिस को म्यूल बैंक खातों संबंधी सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद दिलीप पांडे से पूछताछ की गई। उनकी जानकारी के आधार पर जांच टीम ने प्रिन्सेस स्काई बिजनेस पार्क स्थित द रैपिड इन्वेस्टर्स कंपनी के कार्यालय पहुंचकर कंपनी के संचालक शुभम शर्मा से भी पूछताछ की।
प्रारम्भिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने ग्राहकों को कॉल करके रकम प्राप्त की और उसे कंपनी के खातों एवं प्रतिपादित म्यूल बैंक खातों में जमा कराया। प्राप्त राशि का कुछ हिस्सा कर्मचारियों को वितरित किया जाता था। इन तथ्यों की पुष्टि हेतु बैंक लेन‑देन का सत्यापन किया जा रहा है।
प्रकरण में नामित आरोपियों में दिलीप पांडे, शुभम शर्मा, अहमद राजा शेख, भरत भूषण कुशवाह, नरेन्द्र यादव, बिजेन्द्र, अमित मणी, रमदीप सिंह भाटिया, नरेंद्र पाटीदार, अमित चौरसिया और योगेश पटेल शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 20 सिम कार्ड, 17 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 03 CPU, 01 हार्ड डिस्क सहित विभिन्न दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए।
वर्तमान में जांच के तहत इन 06 बैंक खातों के वास्तविक धारकों, खाते के संचालन, राशि के स्रोत और आगे के हस्तांतरण की भूमिका का परीक्षण किया जा रहा है। बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद वास्तविक लेन‑देन, प्रभावित व्यक्तियों तथा ठगी की कुल राशि का निर्धारण किया जाएगा।
मध्य प्रदेश पुलिस ने जनता से अपील की है कि वह अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी या OTP किसी को किराए पर न दें, अनजान स्रोत से प्राप्त राशि को बिना सत्यापन के ट्रांसफर न करें और संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
