
Bhopal, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा शुरू की गई “सत्य सनातन यात्रा” को लेकर राज्य‑स्तर पर राजनीति गर्म हो गई है। प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों, गौतम टेटवाल और विश्वास सारंग ने इस यात्रा को लेकर सवाल उठाए और सीधे दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा।
गौतम टेटवाल ने आरोप लगाया कि यह यात्रा नेता की अपनी राजनीतिक साख बचाने और अपने बेटे को स्थापित करने के मकसद से निकाली गई है। टेटवाल ने कहा, “अब दिग्विजय सिंह को हिंदू धर्म याद आ रहा है; वह बाबा महाकाल से लेकर अयोध्या तक की यात्रा कर रहे हैं।” उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जब अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन रहा था, तब दिग्विजय सिंह को राम जी की याद क्यों नहीं आई, जबकि उस समय वह लगातार राम जी के विरोध में बोले रहे।
टेटवाल ने कहा कि इस यात्रा को “अंतिम चरण” कहा जा सकता है और यह “खुद को और बेटे को स्थापित करने की तैयारी” है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि दिग्विजय सिंह को यात्रा ही करनी है तो उन्हें काशी और मथुरा भी शामिल करनी चाहिए। “मथुरा जाकर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को मुक्त कराने की बात करनी चाहिए, तभी हम उनका सहयोग करेंगे,” टेटवाल ने कहा और जोड़े, “मेरा सुझाव है कि उन्हें काशी‑मथुरा की यात्रा करनी चाहिए, वहाँ मत्था टेक कर कहना चाहिए कि काशी‑मथुरा अभी बाकी है।”
दूसरी ओर, विश्वास सारंग ने यात्रा के उद्देश्य पर संदेह जताया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह “हिंदुस्तान और सनातन धर्म को बदनाम करने” के लिए यह यात्रा निकाल रहे हैं। सारंग ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक की भूमिका हो सकती है। “पहले दिग्विजय सिंह ने जाकिर नाइक का महिमामंडन किया था और उसे हीरो कहा था,” सारंग ने कहा।
सारंग ने दावा किया कि “सत्य सनातन यात्रा जाकिर नाइक द्वारा प्रायोजित है” और यह यात्रा “हर दिन नए विवाद खड़े कर रही है, जिससे दुनिया में हिंदुत्व और सनातन धर्म को लेकर गलत संदेश जा रहा है।” इस कारण, उन्होंने इस मुद्दे की पूरी जाँच करने की मांग की।
