
भुवनेश्वर, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। आज रविवार को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) का नया डेटा सेंटर और एक विशेष साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान भुवनेश्वर में औपचारिक रूप से खोला गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्घाटन के दौरान कहा कि “ये दोनों सुविधाएं देश की बैंकिंग व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, कुशल और भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।” उन्होंने उजागर किया कि पूर्वी भारत “विकसित भारत का सशक्त विकास इंजन” बनता जा रहा है और ओडिशा प्राकृतिक संसाधनों के साथ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।
उद्घाटन पर ओडिशा के राज्यपाल ब्रह्ममोहन राम, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री जुएल ओरांव, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा, उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा तथा कनक वर्धन सिंह देव सहित बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि ओडिशा में खनिज आधारित उद्योगों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स का नया इकोसिस्टम विकसित करने के प्रयास चल रहे हैं। “ओडिशा ‘माइंस से माइक्रोचिप्स तक’ विकास की नई कहानी लिखेगा” उन्होंने जोड़ा। उन्होंने यह भी जोर दिया कि डेटा सेंटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग में निवेश से युवाओं के लिए रोजगार और विकास के नए अवसर खुलेंगे।
विकास के लाभ को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए सरकार “प्रो-पीपल, प्रो-एक्टिव और गुड गवर्नेंस” के मॉडल पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि अब डिजिटल बैंकिंग के माध्यम से 24‑घंटे बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध हैं और पहले “फोन बैंकिंग” के जरिए केवल चुनिंदा परिवारों को लाभ मिलता था।
प्रधानमंत्री ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) का भी उल्लेख किया, जहाँ पहले केंद्र से भेजे गए एक रुपये में से केवल 15 पैसे ही लाभार्थियों तक पहुँचते थे, परंतु अब जनधन खातों और डिजिटल भुगतान व्यवस्था के जरिए पूरा पैसा लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुँच रहा है। लगभग 59‑60 करोड़ जनधन खाते खोलने के साथ सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुँच रहा है।
साइबर अपराधों से बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित रखने के महत्व पर बल देते हुए मोदी ने चेतावनी दी कि “युद्ध अब केवल हथियारों से नहीं, बल्कि किसी देश की अर्थव्यवस्था पर हमला करके भी किया जाता है।” इसलिए भुवनेश्वर में स्थापित साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आशा जताई गई कि नई सुविधाएँ भारत की बैंकिंग व्यवस्था को सुरक्षित, सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाएंगी।
