
मुंबई, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में गिरफ्तार 11वें आरोपित प्रांजल ठाकराल को मजिस्ट्रेट अदालत ने रविवार को 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया। प्रांजल पर कथित तौर पर शूटरों को हथियार उपलब्ध कराने में मदद करने और मामले के फरार आरोपित अनिल पंडित से संपर्क में रहने का आरोप लगाया गया है।
मामले की जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि प्रांजल को शनिवार को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। उसे मुंबई लाकर रविवार को मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान, क्राइम ब्रांच ने अदालत को बताया कि प्रांजल का अनिल पंडित से सीधे संपर्क था और दोनों के बीच बातचीत होने के साक्ष्य मिले हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, प्रांजल ने शूटरों को हथियार उपलब्ध कराने में सहायता की थी।
क्राइम ब्रांच ने अदालत को सूचित किया कि आरोपित अलग-अलग मोबाइल फोन और एप्लिकेशन के माध्यम से संपर्क में थे। उन्होंने पुलिस हिरासत की मांग करते हुए कहा कि शूटरों तक हथियार कैसे पहुंचे, प्रांजल का अनिल पंडित से संपर्क कैसे हुआ और इस साजिश में उसकी क्या भूमिका थी, यह पता लगाने के लिए उससे पूछताछ आवश्यक है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पुलिस रिमांड की मांग का विरोध किया। प्रांजल के वकील ने दलील दी कि घटना के समय उनका मुवक्किल अपने भाई के इलाज के सिलसिले में इंदौर में मौजूद था, और यदि वह गोलीबारी की साजिश में शामिल होता, तो घटना के समय इंदौर में नहीं होता।
वहीं, क्राइम ब्रांच ने अदालत को बताया कि आरोपित पर भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 111 के तहत संगठित अपराध से संबंधित आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने कहा कि मामले में उसकी भूमिका, अन्य आरोपितों से संपर्क और हथियारों की आपूर्ति से जुड़े तथ्यों का पता लगाने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने प्रांजल ठाकराल को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान प्रांजल का कुणाल से भी संबंध सामने आया है, जिसके बीच बातचीत होने की जानकारी मिली है। क्राइम ब्रांच अब इन संपर्कों और फायरिंग की कथित साजिश में प्रांजल की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस का दावा है कि प्रांजल से जुड़े सुरागों के आधार पर गुजरात के सूरत से तीन अवैध हथियार और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियारों की आपूर्ति किस माध्यम से हुई और गोलीबारी की साजिश में प्रांजल तथा अन्य आरोपितों की वास्तविक भूमिका क्या थी।
