
भोपाल, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश की राजधानी के इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) में रविवार देर शाम वर्मा ट्रैवल्स की बसों में अचानक भीषण आग लग गई। प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार एक बस में लगी आग बहुत तेज़ी से फैल कर पास खड़ी दूसरी बसों तक पहुँच गई, और कुल मिलाकर आठ बसें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। इनमें नागपुर‑अहमदाबाद, सूरत तथा बालाघाट, सिवनी और इंदौर रूट की बसें शामिल थीं।
आग की सूचना मिलते ही राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों से दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुँचीं। फायर ऑफिसर सौरभ पटेल ने बताया कि दामकलकर्मियों ने कई घंटे कठिन मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया। उन्होंने यह भी कहा कि घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र को खाली कर दिया गया और सुरक्षा घेरे की व्यवस्था की गई, ताकि बचाव‑राहत कार्य में कोई बाधा न आए।
आसपास कई ऑयल टैंकर भी खड़े थे, जिससे आग के फैलने की आशंका बनी रही, पर अब तक किसी टैंकर पर आग का असर पड़ने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन ने घटना की जड़ तक पहुँचने के लिए जांच शुरू कर दी है, जबकि आग के कारण अभी स्पष्ट नहीं हुए।
इसी दौरान वर्मा ट्रैवल्स के मालिक दीपक वर्मा ने कहा कि इस दुर्घटना में लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी जोड़ते हुए बताया कि आग की शुरुआत में केवल 2‑3 बसें में लगी थी, परन्तु वह जल्दी ही दोहराई और कुल आठ बसों तक पहुँच गई। दीपक वर्मा ने कहा, “हमारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है, आग कैसे लगी यह अभी तक पता नहीं चल पाया है।”
आग लगने के बाद प्रभावित मार्गों पर कई ट्रिप रद्द कर दी गईं, जिसमें दक्षिण भारत के लिए चलने वाली बसें भी शामिल हैं। इन बुकिंग की हुई यात्रियों की टिकटें रद्द कर दी गईं और यात्रियों को आगे की सूचना दी जाएगी। इस घटना से यात्रियों की सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा प्रोटोकॉल पर पुनर्विचार की आवश्यकता पर प्रकाश पड़ा है।
