
बस्तर, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। राज्य शासन ने बस्तर नगर पंचायत में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की नई जलप्रदाय योजना को स्वीकृति दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण ने अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत इस योजना के लिए 57.71 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। योजना के पूरा होने पर शहर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल की उपलब्धता वर्तमान में 65 लीटर से बढ़कर 135 लीटर हो जाएगी, अर्थात् हर व्यक्ति को रोजाना 70 लीटर अतिरिक्त शुद्ध पेयजल मिलेगा।
योजना के अनुसार 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 2700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन स्थापित किये जाएंगे। इससे शुद्ध पानी का वितरण सुदृढ़ होगा तथा लोगों को घरों तक पर्याप्त शुद्ध पानी पहुँचाया जा सकेगा। मारकंडी नदी के चपका एनीकट में एक इंटेकवेल का निर्माण किया जाएगा, जिसके द्वारा रॉ-वॉटर पाइपलाइन से नदी का पानी जल शोधन संयंत्र तक पहुँचाया जाएगा। संयंत्र में पानी के शुद्धिकरण के बाद इसे शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत 3 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र और 500 किलोलीटर क्षमता का एक उच्च स्तरीय जलागार भी बनाया जाएगा। परियोजना का लक्ष्य जून‑2028 तक पूर्ण करना है और स्वीकृत राशि में पाँच वर्षों तक संचालन एवं रखरखाव भी शामिल है।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा, “बस्तर नगर पंचायत में सभी परिवारों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अमृत मिशन 2.0 से शहर की पेयजल व्यवस्था का कायाकल्प होगा। हमारी सरकार का संकल्प है कि हर परिवार को बुनियादी सुविधाएँ सुलभ हों और लोगों का जीवन अधिक सुविधाजनक बने।”
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने भी यह सुनिश्चित किया कि परियोजना के हर चरण में उच्च तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाये और निर्माण की नियमित निगरानी तथा प्रगति की सतत समीक्षा की जाये। सभी घटकों का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता के साथ जून‑2028 की समय-सीमा में पूर्ण करना जवाबदेही तय की जाएगी।
