
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दूसरे टी‑20 मुकाबले में भारत की जीत के बाद, बल्लेबाज तिलक वरमा ने अपनी पारी की रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि विकेट काफी चुनौतीपूर्ण था। खासकर अगर आप देखें – बड़ा मैदान, धीमी पिच और जब वे बाउंसर डाल रहे थे, तो गेंद काफी तेजी से आ रही थी। ऐसे में जब चाहें तब छक्का लगाना आसान नहीं था। पहले मैच में छक्के लगाना आसान था, लेकिन इस मैच में परिस्थितियां काफी मुश्किल थीं।”
पिच की धीमी प्रकृति, बड़े स्टेडियम और तेज बाउंसरों के कारण बड़े शॉट नहीं चल पाए, इसलिए वरमा ने “संयम बरतने और मैच को आखिरी तक ले जाने” पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर और बैटिंग कोच सितांशु कोटक से पारी को गहराई तक ले जाने का वादा किया था, जिसे वह निभाते हुए नीतीश कुमार रेड्डी के साथ मिलकर एक गेंद शेष रहते जीत दिलाई।
वरमा ने कहा कि “जब नमन धीर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब मेरा मन भी बड़े शॉट खेलने का कर रहा था। लेकिन मैंने टीम के साथ मिलकर एक‑एक, दो‑दो रन बनाने पर ध्यान दिया और जब मौका मिला तो छक्के भी लगाए।” उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि पिछले मैच में उनका रवैया थोड़ा रक्षात्मक था, इसलिए इस बार “सिंगल लेकर पारी को आगे बढ़ाना” चाहते थे।
मैच में नमन धीर ने 17 गेंदों पर 31 रन बनाए, जबकि वरमा ने नाबाद 51 रन बनाए। नीतीश कुमार रेड्डी ने कहा, “तिलक तेज़ी से रन दौड़ने में माहिर हैं और हमारे बीच तालमेल बहुत अच्छा रहा। जब नमन धीर आक्रामक खेल रहे थे, तब तिलक ने अनावश्यक जोखिम नहीं लिया और उन्हें स्ट्राइक दिया।”
न्यूज़ीलैंड ने 181 रन लक्ष्य रखा था; भारत को अंतिम पाँच ओवर में 68 रन चाहिए थे। वरमा (नाबाद 51) और रेड्डी (नाबाद 26) ने आक्रमण जारी रख कर भारत को 2‑0 की बढ़त दिलाई। सीरीज़ का तीसरा मुकाबला 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में खेला जाएगा।
