
जगदलपुर, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। गौ सम्मान आह्वान अभियान के तृतीय चरण की तैयारी हेतु बस्तर के सातों जिलों से 300 से अधिक गौसेवक एवं कार्यकर्ता आज रविवार को जगदलपुर के कुम्हारपारा स्थित माहेश्वरी भवन में एकत्रित हुए। इस बैठक का संचालन गोपाल नंद सरस्वती के मार्गदर्शन में किया गया।
बैठक में गौमाता की सुरक्षा एवं सम्मान के लिये देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, एक स्वतंत्र गौ मंत्रालय का गठन तथा गौमाता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा दिलाने की माँगों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही, आगामी चरण की रूपरेखा तैयार करते हुए अधिकतम नागरिकों को अभियान से जोड़ने व हस्ताक्षर अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
तीन चरणों में चल रहे इस राष्ट्रीय हस्ताक्षर आंदोलन की प्रगति का उल्लेख किया गया: प्रथम चरण में 27 अप्रैल 2026 को लगभग 5.25 करोड़ हस्ताक्षर संग्रहीत किए गए, द्वितीय चरण में 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर प्राप्त हुए और अब तृतीय चरण में संपूर्ण भारत से लगभग 31 करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। इन हस्ताक्षरों के माध्यम से गौमाता की सुरक्षा, सम्मान व संवर्धन से जुड़े सभी मुद्दों को जनसमर्थन के साथ शासन‑प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा।
आगे की योजना के तहत 17 दिसंबर 2026 को रायपुर में आयोजित होने वाले समारोहमें अधिक से अधिक गौसेवकों एवं कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। एकत्रित हस्ताक्षर तथा मांगपत्र को राज्य सचिवालय के माध्यम से देश के प्रमुख मंत्रियों, राज्यपालों, माननीय प्रधानमंत्री एवं माननीय राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित साधु‑संत, सामाजिक प्रतिनिधि एवं अन्य गौसेवकों ने समाज में जनजागरण बढ़ाने, प्रत्येक गांव व पंचायत तक संदेश पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर बस्तर संभाग के साधु‑संतों के साथ जिला प्रभारी मुन्ना बजरंगी, शैलेन्द्र साहू एवं दीपक पनपालिया सहित विभिन्न समाजों के प्रबुद्धजन भी उपस्थित रहे। सभी कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया गया कि वे 17 दिसंबर के रायपुर कार्यक्रम की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाएँ, ग्राम पंचायत से निर्धारित 2,100 हस्ताक्षर लक्ष्य को पूर्ण करें तथा गौमाता की सुरक्षा व सम्मान से जुड़ी मांगों को जन‑जन तक पहुँचाएँ।
