गुना। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के गुना जिले (Guna district) के एक सरकारी स्कूल में 2 छात्राओं को कथित तौर पर पेशाब (Urine) मिला पानी पिलाने की शिकायत सामने आई है। इस घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल में हंगामा (Uproar school) कर ताला जड़ दिया। छात्राओं का आरोप है कि जब उन्होंने प्रिंसिपल से शिकायत की तो उन्होंने ऐक्शन नहीं लिया। घटना से आक्रोशित लोगों ने स्कूल पहुंचकर जमकर बवाल किया। लोगों ने स्कूल परिसर में ताला भी जड़ दिया। घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं।
प्रिंसिपल को नोटिस
अधिकारियों के मुताबिक, गुना जिले के आरोन विकासखंड के एक प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को यह घटना हुई। इससे आक्रोशित छात्राओं के परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। अब प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोन की अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) मंजूषा खत्री ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार और खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को मौके पर भेजा गया। प्रिंसिपल को भी नोटिस जारी किया गया।
दो दिन में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
एसडीएम मंजूषा खत्री ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को दो दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। गुना के जिलाधिकारी किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि उन्हें एसडीएम खत्री के माध्यम से घटना की जानकारी मिली है।
प्रिंसिपल को नोटिस
एसडीएम मंजूषा खत्री ने कहा कि मैंने जांच के आदेश दिए हैं। प्रथम दृष्टया यह पूरी घटना कक्षा के ही एक छात्र की शरारत बताई जा रही है। बच्चे और उसके अभिभावकों को बुलाया जा रहा है। प्रिंसिपल को नोटिस दिया गया है। पीड़ित छात्राओं के परिजनों और ग्रामीणों ने विद्यालय में हंगामे के दौरान कथित रूप से घटना में शामिल छात्रों और प्रधानाध्यापक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने नारेबाजी करते हुए विद्यालय परिसर में ताला भी जड़ दिया।
घटना में शामिल छात्रों के बयान दर्ज
एसडीएम मंजूषा खत्री ने बताया कि स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों और कथित रूप से घटना में शामिल छात्रों के बयान दर्ज किए। उन्होंने बताया कि छात्राओं ने आरोप लगाया है कि कुछ छात्रों ने उनकी पानी की बोतल में कथित तौर पर पेशाब मिलाकर उन्हें पिला दिया।
प्रिंसिपल को नोटिस
छात्राओं के अनुसार, जब उन्होंने इसकी शिकायत प्रधानाध्यापक से की तो उन्होंने असंवेदनशील रवैया अपनाते हुए कहा कि मुंह खराब हो गया हो तो 10-10 रुपये वाली चॉकलेट खा लो। छात्राओं ने उसी दिन अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन मंगलवार को विद्यालय पहुंचे और घटना के विरोध में हंगामा तथा नारेबाजी की। प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।
