वॉशिंगटन। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के चार महीने बाद देश में उनके राजकीय अंतिम संस्कार की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। अमेरिकी और इजरायली हवाई हमले में उनकी मौत के बाद ईरान सरकार ने चार जुलाई से शुरू होने वाले पांच दिवसीय राष्ट्रीय शोक कार्यक्रम का ऐलान किया है। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की संभावित सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर हो रही है।
मोजतबा की पहली सार्वजनिक मौजूदगी पर टिकी दुनिया की नजर
अयातुल्ला अली खामेनेई के 56 वर्षीय बेटे और मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पिछले कई महीनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। बताया जा रहा है कि 28 फरवरी को हुए उसी हवाई हमले में वह भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक उनके चेहरे और पैरों में गंभीर चोटें आई थीं।
हालांकि ईरानी सरकारी मीडिया लगातार दावा कर रहा है कि मोजतबा स्वस्थ हैं और शासन से जुड़े सभी अहम फैसलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन अब तक उनका कोई वीडियो या ऑडियो संदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसी वजह से उनकी स्थिति को लेकर अटकलों का दौर जारी है।
पांच दिनों तक चलेगा शोक कार्यक्रम
ईरान सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार चार जुलाई को राजधानी तेहरान में राजकीय श्रद्धांजलि समारोह की शुरुआत होगी। इसके बाद अंतिम यात्रा को धार्मिक महत्व वाले शहर कोम ले जाया जाएगा। वहां से जुलूस इराक के प्रमुख पवित्र स्थलों से गुजरते हुए नौ जुलाई को मशहद पहुंचेगा, जहां अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
हमले में घायल होने की पुष्टि
ईरानी सरकारी मीडिया पहले ही स्वीकार कर चुका है कि तेहरान स्थित केंद्रीय परिसर पर हुए हवाई हमले में मोजतबा खामेनेई भी घायल हुए थे। उसी हमले में अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत हुई थी। लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने के कारण करज समेत कुछ शहरों में उनके लापता होने से जुड़े पोस्टर लगाए जाने की भी खबरें सामने आई थीं।
लिखित बयानों के जरिए दे रहे संदेश
सुप्रीम लीडर का पद संभालने के बाद से मोजतबा खामेनेई की ओर से कोई प्रत्यक्ष सार्वजनिक संबोधन नहीं हुआ है। उनके नाम से जारी सभी संदेश सरकारी टेलीविजन और आधिकारिक मीडिया के जरिए पढ़कर सुनाए गए हैं।
मार्च में जारी अपने पहले संदेश में उन्होंने देश के विरोधियों के खिलाफ दबाव बनाए रखने और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की नीति पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपने अधिकारों से पीछे भी नहीं हटेगा।
इसके बाद अप्रैल में जारी एक अन्य लिखित संदेश में उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को नए चरण में ले जाने की बात कही थी। साथ ही अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने और देशवासियों से एकजुट रहने की अपील भी की थी।
न्यायपालिका को दिए सख्त निर्देश
रविवार को राष्ट्रीय न्यायपालिका सप्ताह के अवसर पर जारी एक नए लिखित संदेश में मोजतबा खामेनेई ने न्यायपालिका से फरवरी से शुरू हुए संघर्ष और जून 2025 के युद्ध के दौरान कथित अपराधों के लिए जिम्मेदार ताकतों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज करने को कहा। उन्होंने मीनाब और लामेरड में बच्चों की मौत, अस्पतालों पर हमलों तथा अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को लेकर अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के बयानों को उनके खिलाफ सबूत बताया।
अमेरिका को लेकर बदली वैश्विक धारणा
इसी बीच प्यू रिसर्च सेंटर की एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान कई देशों में अमेरिका के प्रति नकारात्मक धारणा बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे संघर्ष आगे बढ़ा, शांति और स्थिरता के साझेदार के रूप में अमेरिका के प्रति समर्थन में कमी दर्ज की गई।
अंतिम संस्कार में मौजूदगी पर सबसे बड़ा सवाल
ईरान के इतिहास में सर्वोच्च नेताओं के राजकीय अंतिम संस्कार हमेशा सत्ता की एकजुटता और राजनीतिक शक्ति के प्रदर्शन का प्रतीक रहे हैं। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मोजतबा खामेनेई पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आएंगे। यदि वह अंतिम संस्कार में शामिल होते हैं तो इसे उनके नेतृत्व की मजबूती का संकेत माना जाएगा, जबकि उनकी अनुपस्थिति सत्ता प्रतिष्ठान को लेकर नई अटकलों को जन्म दे सकती है।
