पत्रकारिता की मर्यादा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
By: Fre
The-Ethics-of-Journalism
पत्रकारिता की मर्यादा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
डाॅ. अरविंद नाथ तिवारी
पत्रकारिता का उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल का गुणगान करना नहीं बल्कि जनहित के सवालों को निष्पक्षता, निर्भीकता और जिम्मेदारी के साथ उठाना है। डिजिटल दौर में पत्रकार, स्वतंत्र कंटेंट निर्माता और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के बीच अंतर तथा उनकी जवाबदेही पर बहस जरूरी हो गई है।लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ कहा जाता है। इसकी बुनियाद निष्पक्षता, स्वतंत्रता, तथ्यपरकता और जनहित पर टिकी होती है। पत्रकार का दायित्व सत्ता से सवाल पूछना, व्यवस्था की खामियों को उजागर करना और समाज के सामने तथ्यों को प्रस्तुत करना है लेकिन जब पत्रकारिता के मूल्यों पर राजनीतिक हित हावी होने लगें, तब उसकी स्वतंत्रता, विश्वसनीयता और मर्यादा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। आज जंतर-मंतर से लेकर न्यायालयों ...









