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इतिहास के पन्नों में 30 अक्टूबर : 1945 में भारत संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ

इतिहास के पन्नों में 30 अक्टूबर : 1945 में भारत संयुक्त राष्ट्र में शामिल हुआ

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। विश्व में शांति, सहयोग और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र का गठन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किया गया। इस नई अंतरराष्ट्रीय संस्था के चार्टर पर 26 जून 1945 को हस्ताक्षर हुए और 24 अक्टूबर 1945 को यह प्रभावी रूप से लागू हुआ। जब संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की जा रही थी, तब भारत अभी भी ब्रिटिश शासन के अधीन था, परन्तु वह इस संगठन के संस्थापक सदस्य देशों में से एक बन गया। विलियम डब्ल्यू. डेज़ी, तब के ब्रिटिश वाणिज्य मंत्री, ने कहा कि “भारत का योगदान हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि वह एशिया‑प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता के लिए एक प्रमुख शक्ति है।” भारतीय प्रतिनिधि मंडल ने शांति, समानता और मानव अधिकार को संयुक्त राष्ट्र के मुख्य सिद्धांतों में शामिल करने के लिए दृढ़ संकल्प व्यक्त किया। भारत ने प्रथम बार संयुक्त राष्ट्र के महासभा म...
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: मविआ ने 3, महायुति ने 2 सीटें जीती

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: मविआ ने 3, महायुति ने 2 सीटें जीती

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मुंबई, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। महाराष्ट्र विधान परिषद के पाँच शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में हुई चुनावी प्रक्रिया में मविआ ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि महायुति को दो सीटें प्राप्त हुईं। यह चुनाव मंगलवार की सुबह आठ बजे से शुरू हुआ और कुल पाँच सीटों के लिए मतदान किया गया। इन पाँच सीटों में से तीन पर मविआ की जीत ने उसके राजनीतिक प्रभाव को और मजबूत किया, जबकि महायुति की दो जीत ने इस गठबंधन को भी एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया। दोनों गठबंधन ने अपने-अपने उम्मीदवारों को शिक्षक तथा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं के बीच प्रमुख मुद्दों पर आधारित अभियानों के माध्यम से प्रचारित किया। चुनावी प्रक्रिया के दौरान, मतदान केंद्रों पर बड़ी भीड़ देखी गई, जहाँ शिक्षक, स्नातक और उनके परिवारजन ने सक्रिय रूप से भाग लिया। मतदान का क्रमबद्ध संचालन किया गया, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था को विशेष...
हरियाणा के किसान पराली नहीं जलाएँगे, परंतु भुगतान में कमी

हरियाणा के किसान पराली नहीं जलाएँगे, परंतु भुगतान में कमी

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सीईईडब्ल्यू द्वारा जनवरी से मार्च 2026 के बीच हरियाणा के 12 जिलों के 144 ग्रामों में 1,588 किसानों के बीच किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, 80 % किसान पराली जलाने से बचने के इच्छुक हैं। परंतु सिर्फ 7 % को ही खरीदारों से भुगतान मिला है, 62 % पराली को मुफ्त में दे देते हैं और 31 % को खेत साफ कराने में प्रति एकड़ लगभग रु. 1,000 खर्च करने पड़ते हैं। अध्ययन में पाया गया कि किसान तीन तरीकों से पराली का प्रबंधन करते हैं: 39 % पशु आहार के रूप में इस्तेमाल करते हैं, 38 % गांठें बनवाते हैं, और 32 % सुपर सीडर जैसी मशीन से खेत में ही अवशेष मिलाते हैं। 80 % किसान जो पराली को गांठ बनवाते या आहार के रूप में इस्तेमाल करते हैं, 2026 में भी इन तरीकों को जारी रखने का इरादा रखते हैं। 6 % ने स्वीकार किया कि वे पराली जलाते हैं, जबकि 26 % ने अपने गांवों में पराली जलाने की सूचन...
भाजपा की बैठक में आगामी कार्ययोजना पर हुई चर्चा

भाजपा की बैठक में आगामी कार्ययोजना पर हुई चर्चा

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। इस दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भाजपा मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्रियों के साथ एक विस्तृत बैठक आयोजित की। गुरुवार को हुई यह बैठक में प्रमुख रूप से आगामी कार्ययोजना और पार्टी के संगठन से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान, नितिन नवीन ने बताया कि पार्टी के संगठनात्मक गतिविधियों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे और रणनीति पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि यह कदम पार्टी की भावी दिशा को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक है। बैठक के समाप्त होते ही, नितिन नवीन ने एक्स पर साझा की गई तस्वीरों के साथ एक संदेश पोस्ट किया। उन्होंने कहा: “बैठक के बाद भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि आज पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय महामंत्रियों के साथ बैठक कर आग...
हरियाणा में धान की पराली: 80% किसान नहीं जलाएंगे, मात्र 7% को मिले भुगतान, सीईईडब्ल्यू का नया अध्ययन

हरियाणा में धान की पराली: 80% किसान नहीं जलाएंगे, मात्र 7% को मिले भुगतान, सीईईडब्ल्यू का नया अध्ययन

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हरियाणा के 12 जिलों के 144 गांवों में 1,588 किसानों के बीच जनवरी से मार्च 2026 के दौरान की गई सर्वेक्षण के परिणाम सामने आए। इस अध्ययन में पाया गया कि लगभग 80 % किसान पराली को जलाने के बजाय अन्य विकल्प अपनाने के इच्छुक हैं। परंतु
हरियाणा के 80 फीसदी किसान नहीं जलाएंगे पराली, सिर्फ 7 फीसदी को मिलता है भुगतानः सीईईडब्ल्यू

हरियाणा के 80 फीसदी किसान नहीं जलाएंगे पराली, सिर्फ 7 फीसदी को मिलता है भुगतानः सीईईडब्ल्यू

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हरियाणा में पराली जलाने की रोकथाम पर सीईईडब्ल्यू का नया अध्ययन

हरियाणा में पराली जलाने की रोकथाम पर सीईईडब्ल्यू का नया अध्ययन

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। एक नवीनतम सर्वेक्षण के अनुसार, हरियाणा के 12 जिलों के 144 गांवों में 1,588 किसानों के बीच जनवरी से मार्च 2026 के दौरान पराली प्रबंधन के तरीके अलग-अलग पहचाने गए। पराली का उपयोग करने वाले 39 प्रतिशत किसान इसे पशुओं के चारे के रूप में प्रयोग करते हैं, 38 प्रतिशत इसे गांठें बनवाकर बेचते हैं, जबकि 32 प्रतिशत सुपर सीडर जैसी मशीनों से फसल अवशेषों को खेत में मिलाकर मिट्टी को सुधारते हैं। सर्वेक्षण में पाया गया कि पराली की गांठें बनाने या चारे के रूप में इस्तेमाल करने वाले 80 प्रतिशत किसान 2026 में भी इन तरीकों को अपनाना चाहते हैं। केवल 6 प्रतिशत ने पराली जलाने का उल्लेख किया, और 26 प्रतिशत ने अपने गांवों में जलने की जानकारी दी। पराली नहीं जलाने के लिये 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन देने वाली योजना के बारे में लगभग 80 प्रतिशत किसानों को जानकारी है, परंतु...
हरियाणा में पराली जलाने पर अध्ययन: 80 % किसान पराली नहीं जलाना चाहते, पर 62 % मुफ्त में दे रहे हैं

हरियाणा में पराली जलाने पर अध्ययन: 80 % किसान पराली नहीं जलाना चाहते, पर 62 % मुफ्त में दे रहे हैं

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सीईईडब्ल्यू द्वारा किए गए एक नवीन अध्ययन में पाया गया कि हरियाणा के 12 जिलों के 144 गांवों में 1,588 किसानों के बीच जनवरी से मार्च 2026 के दौरान पराली का प्रबंधन कैसे किया जाता है, इसका सर्वेक्षण किया गया। अध्ययन के निष्कर्ष गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित चर्चा में जारी किये गये। उसी साथ, पंजाब के संगरूर और पटियाला जिलों में सैटेलाइट छवियों के आधार पर पराली जलाने की घटनाओं पर भी एक अलग शोध प्रकाशित किया गया। पराली के प्रबंधन के तीन मुख्य तरीके अपनाने वाले किसान अध्ययन के अनुसार, हरियाणा के किसान पराली को मुख्य रूप से तीन तरीकों से प्रबंधित करते हैं। 39 % किसान पराली को पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करते हैं, 38 % किसान इसकी गांठें बनवाते हैं, तथा 32 % किसान सुपर सीडर जैसी मशीनों से फसल अवशेष को मिट्टी में मिलाते हैं। कई किसान एक से अधिक तरीको...
हरियाणा के किसान 2026 में पराली जलाने से बचेंगे पर भुगतान में कमी

हरियाणा के किसान 2026 में पराली जलाने से बचेंगे पर भुगतान में कमी

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हरियाणा में धान की पराली का प्रबंधन करने वाले पाँच में से चार किसान 2026 में भी पराली जलाने के विकल्प से दूर रहने के इच्छुक हैं, परंतु पराली के लिए भुगतान पाने वाले किसानों का प्रतिशत अभी भी केवल 7% है। सीईईडब्ल्यू (काउंसिल ऑन एनर्जी, एन्वायरमेंट एंड वाटर) द्वारा जनवरी‑मार्च 2026 के दौरान 12 जिलों के 144 गांवों में 1,588 किसानों का सर्वेक्षण किया गया, जिसके परिणाम गुरुवार को दिल्ली में एक परिचर्चा में जारी किए गए। उसी समय पंजाब में सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग करके पराली जलाने के मामलों पर आधारित दूसरा अध्ययन भी प्रकाशित हुआ। पराली प्रबंधन के तीन प्रमुख तरीके: सर्वेक्षण में पाया गया कि 39% किसान पराली को पशु चारे के रूप में इस्तेमाल करते हैं, 38% इसे गांठें बना कर बेचते हैं, जबकि 32% सुपर‑सीडर जैसी मशीनों से फसल अवशेषों को मिट्टी में मिला देते हैं। कई किस...
हरियाणा में पराली प्रबंधन पर सीईईडब्ल्यू का अध्ययन: 80 % किसान पराली जलाना नहीं चाहते

हरियाणा में पराली प्रबंधन पर सीईईडब्ल्यू का अध्ययन: 80 % किसान पराली जलाना नहीं चाहते

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। काउंसिल ऑन एनर्जी, एन्वायरमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) द्वारा जारी एक नवीनतम रिपोर्ट में बताया गया है कि 2026 के जनवरी से मार्च तक हरियाणा के 12 जिलों के 144 गांवों में 1,588 किसानों के बीच एक सर्वेक्षण किया गया। इस अध्ययन के अनुसार, पांच में से चार (लगभग 80 %) किसान पराली को जलाने के बजाय अन्य तरीकों को चुनने को तैयार हैं। पराली की गांठें बनवाने वाले किसानों में से केवल सात प्रतिशत को खरीदारों से भुगतान मिलता है, जबकि लगभग 62 % किसान पराली को बिना किसी मूल्य के दे देते हैं। लगभग 31 % किसानों को अपने खेत साफ़ कराने के लिये प्रति एकड़ लगभग एक हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। पराली प्रबंधन के तीन प्रमुख तरीके हैं: 39 % किसान पराली को पशु चारे के रूप में उपयोग करते हैं, 38 % इसे गांठें बनवाते हैं, और 32 % सुपर सीडर जैसी मशीनों से खेत में मिलाते हैं। कई...