Tuesday, October 27खबर जो असर करे |
Shadow

Tag: सांस्कृतिक एकता

200 साल पुरानी परंपरा को संजो रहा मुस्लिम परिवार, कूचबिहार में चौथी पीढ़ी के अमिनुर बना रहे 34 फीट का रास चक्र

200 साल पुरानी परंपरा को संजो रहा मुस्लिम परिवार, कूचबिहार में चौथी पीढ़ी के अमिनुर बना रहे 34 फीट का रास चक्र

लोक रुचि
कूचबिहार, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। कूचबिहार के हरिणचौड़ा इलाके में स्थित तोर्सा नदी के किनारे बसे एक मुस्लिम परिवार ने 200 साल से अधिक पुरानी परम्परा के तहत 34 फीट ऊँचा रास चक्र बनाना जारी रखा है। इस वर्ष इस जिम्मेदारी को चौथी पीढ़ी के अमिनुर हुसैन ने संभाला है। अमिनुर अपने घर में बांस, कागज, गोंद और धागे की मदद से रास चक्र का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी पूजा के दिन से ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया और इस प्रक्रिया में लगभग एक महीने का समय लगेगा। देवत्र ट्रस्ट बोर्ड के अनुसार, 24 नवंबर को मदनमोहन मंदिर में रास उत्सव का शुभारम्भ होगा। रात 9 बजे जिलाधिकारी एवं देवत्र ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष इस बड़े रास चक्र को घुमा कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत करेंगे। ऐतिहासिक रूप से, महाराजा हरेंद्र नारायण के शासनकाल में 200 साल से पहले भेटागुड़ी में इस उत्सव की शुरुआत ...
प्रधानमंत्री ने पोंगल पर काशी-तमिल संगमम को सांस्कृतिक एकता का उदाहरण बताया

प्रधानमंत्री ने पोंगल पर काशी-तमिल संगमम को सांस्कृतिक एकता का उदाहरण बताया

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पोंगल के अवसर पर काशी-तमिल संगमम के विस्तार को देश की सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल आज परंपराओं, भाषाओं और समुदायों को जोड़ने वाला एक सशक्त मंच बन चुकी है, जिसने एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को और गहराई दी है। प्रधानमंत्री ने तमिल भाषा में लिखे अपने लेख में कहा कि काशी-तमिल संगमम भारत की विविधता में निहित एकता का जीवंत उदाहरण है, जो सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी समझ और सम्मान को मजबूत कर रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अलग-अलग पोस्ट्स में कहा कि काशी-तमिल संगमम भारत की विविधता में निहित एकता का जीवंत उदाहरण है। यह पहल सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी समझ और स...