सुप्रीम कोर्ट ने पारम्परिक ‘जमातिया प्रथागत कानून, 2017’ की धारा 143 को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर त्रिपुरा सरकार व टीटीएएडीसी से माँगा विस्तृत जवाब
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। आज सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में लागू किए गए जमातिया प्रथागत कानून की धारा 143 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की और त्रिपुरा सरकार तथा त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (टीटीएएडीसी) से विस्तृत जवाब मांगा। यह सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच द्वारा संचालित की गई।
याचिका दायर करने वाली वकील मधुमिता भट्टाचार्य ने याचिका में स्पष्ट किया कि धारा 143 के तहत जो प्रावधान मौजूद है, वह “किसी महिला को बहला‑फुसलाकर ले जाने तथा उससे संबंधित रेप (बलात्कार) के मामलों में केवल आर्थिक दंड” की व्यवस्था करता है। उनका तर्क है कि इस प्रावधान के कारण अपराधियों को आपराधिक सजा से बचने का अवसर मिल रहा है; वे केवल जुर्माना भरकर गंभीर अपराध से जुड़ी सजा से बच निकलते हैं, जबकि पीड़ित महिला को न्याय नहीं मिलता।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता के...


