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मंत्री रेखा आर्य ने ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि की, घरेलू हिंसा पर महिलाओं को आवाज़ उठाने का आग्रह

मंत्री रेखा आर्य ने ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि की, घरेलू हिंसा पर महिलाओं को आवाज़ उठाने का आग्रह

राष्ट्रीय
देहरादून, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने शनिवार को दावा किया कि उनके द्वारा सार्वजनिक किया गया ऑडियो पूरी तरह से असली है और उसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ या कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज है और उन्हें उत्तराखंड पुलिस की निष्पक्ष जांच पर भरोसा है। कैबिनेट मंत्री आर्य आज अस्पताल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपने पति से जुड़े विवाद, सार्वजनिक किए गए ऑडियो और उन पर लगाए जा रहे आरोपों पर पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि उनके पति के व्यवहार में बदलाव देखने के बाद उनके मन में सवाल उठे कि ऐसा क्यों हो रहा है? परतल करने के बाद संबंधित ऑडियो सामने आया और उन्होंने महसूस किया कि इस मामले को लोगों के सामने लाना ज़रूरी है ताकि सभी को पता चल सके कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी के प्रति किस...
तकनीक एवं एआई से प्रेरित भारत के भविष्य का बजट: जितेंद्र सिंह

तकनीक एवं एआई से प्रेरित भारत के भविष्य का बजट: जितेंद्र सिंह

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2026–27 केवल एक साल का बजट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास का रोडमैप है। यह बजट तकनीक आधारित, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े सुधारों के माध्यम से भारत के भविष्य को आकार देगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को मंत्रालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि इस बजट का पूर्ण असर समय के साथ समझ में आएगा, लेकिन इसकी सोच दूरगामी और भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है। यह बजट विकसित भारत की दिशा में अगले 25 वर्षों की मजबूत नींव रखता है। बजट का असली फायदा मध्यम वर्ग को स्वास्थ्य खर्च में लंबी अवधि की राहत के रूप में मिलेगा। उन्होंने बताया कि कैंसर, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में घरेलू स्तर पर सस्ती दवाएं, वैक्सीन और जांच सुविधाएं उपलब्ध होने से परि...
भोपाल में आज मध्य प्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 का आयोजन

भोपाल में आज मध्य प्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 का आयोजन

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 15 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से आज गुरुवार को ‘मध्य प्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कांफ्रेंस में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए मध्य प्रदेश के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। जनसम्पर्क अधिकारी जूही श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत की थीम पर आयोजित इस कांफ्रेंस से एआई आधारित शासन, तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ प्रदेश सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि कांफ्रेंस में मध्य प्रदेश 'इनोवेशन एक्सपो' का शुभार...
एआई पेनेट्रेशन के क्षेत्र में भारत पहले स्थान पर: जितिन प्रसाद

एआई पेनेट्रेशन के क्षेत्र में भारत पहले स्थान पर: जितिन प्रसाद

राष्ट्रीय
लखनऊ, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को 'उत्तर प्रदेश एआई और स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन' 2026 का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का मुकाम हासिल किया है। साथ ही, एआई पेनेट्रेशन के क्षेत्र में भी भारत ने पहले स्थान पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि देश में मोबाइल कनेक्शन की संख्या 100 करोड़ से अधिक हो चुकी है। प्रसाद ने यह भी कहा कि भारत जल्द ही 'एआई सर्विस प्रोवाइडर ऑफ द वर्ल्ड' बनने की राह पर है। उन्होंने अनुमान जताया कि इस दिशा में यूपी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। पूरे प्रदेश में इंटरनेट का जाल विस्तारित हो चुका है और एआई के क्षेत्र में यूपी में काफी प्...
एआई में नवाचार से नेतृत्व की ओर बढ़ता भारत

एआई में नवाचार से नेतृत्व की ओर बढ़ता भारत

लेख
शहर, 09 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। लेखक: LN Star News वर्ष 2026 के आरंभ में भारत एक ऐसे निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता देश की तकनीकी दिशा तय करने वाला प्रमुख आधार बन रही है। यह परिवर्तन किसी एक नीति, संस्था या कंपनी का परिणाम नहीं है। यह भारत की सामूहिक बौद्धिक शक्ति, युवाओं की उद्यमशील सोच और एक स्पष्ट राष्ट्रीय दृष्टि का परिणाम है। जिस वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में भारत कुछ वर्ष पहले तक दर्शक की भूमिका में माना जाता था, उसी मंच पर आज वह अग्रणी दावेदार के रूप में उभर रहा है। वस्तुत: स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी रिपोर्ट में भारत का सातवें स्थान से सीधे तीसरे स्थान पर पहुँचना इस बदलाव का ठोस प्रमाण है। अमेरिका और चीन के बाद भारत का नाम आना यह दर्शाता है कि भारतीय प्रतिभा, स्टार्टअप संस्कृति और तकनीकी सोच अब वैश्विक स्तर पर गंभीरता से ली जा र...