लखनऊ, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को ‘उत्तर प्रदेश एआई और स्वास्थ्य नवाचार सम्मेलन’ 2026 का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का मुकाम हासिल किया है। साथ ही, एआई पेनेट्रेशन के क्षेत्र में भी भारत ने पहले स्थान पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि देश में मोबाइल कनेक्शन की संख्या 100 करोड़ से अधिक हो चुकी है।
प्रसाद ने यह भी कहा कि भारत जल्द ही ‘एआई सर्विस प्रोवाइडर ऑफ द वर्ल्ड’ बनने की राह पर है। उन्होंने अनुमान जताया कि इस दिशा में यूपी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। पूरे प्रदेश में इंटरनेट का जाल विस्तारित हो चुका है और एआई के क्षेत्र में यूपी में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि कृषि, स्वास्थ्य शिक्षा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में एआई का उपयोग हो रहा है। उन्होंने ग्रामीण भारत के लाभ के लिए एआई का सही उपयोग सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।

उन्हें लिखा कि डीप फेक जैसी समस्याएं भी उभरी हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस प्रकार की तकनीकों से जनता को हानि पहुंचाई जा रही है और इसके खिलाफ केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ 15 से 20 फरवरी के बीच नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी, जिससे निकलने वाले सुझाव राष्ट्रीय नीति और वैश्विक दृष्टि को दिशा दे सकेंगे।
इस सम्मेलन में चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, नीति आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण तथा कई देश-विदेश के एआई और हेल्थ सेक्टर के विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।
