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तकनीक एवं एआई से प्रेरित भारत के भविष्य का बजट: जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली, 02 फ़रवरी (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2026–27 केवल एक साल का बजट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास का रोडमैप है। यह बजट तकनीक आधारित, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े सुधारों के माध्यम से भारत के भविष्य को आकार देगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को मंत्रालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि इस बजट का पूर्ण असर समय के साथ समझ में आएगा, लेकिन इसकी सोच दूरगामी और भविष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है। यह बजट विकसित भारत की दिशा में अगले 25 वर्षों की मजबूत नींव रखता है। बजट का असली फायदा मध्यम वर्ग को स्वास्थ्य खर्च में लंबी अवधि की राहत के रूप में मिलेगा। उन्होंने बताया कि कैंसर, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में घरेलू स्तर पर सस्ती दवाएं, वैक्सीन और जांच सुविधाएं उपलब्ध होने से परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

उन्होंने बताया कि देश में 11–12 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में बायोफार्मा, जीन-आधारित थेरेपी और आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीक में निवेश आम लोगों के लिए बड़ी राहत प्रदान करेगा।

मंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये की ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना को बजट की अहम घोषणा बताया। भारत पहले ही दुनिया के प्रमुख बायो-मैन्युफैक्चरिंग देशों में शामिल है और यह योजना जैविक दवाओं, बायोसिमिलर, वैक्सीन और मेडिकल डिवाइस के क्षेत्र में भारत की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगी। आने वाले समय में बायोटेक्नोलॉजी अगली औद्योगिक क्रांति बनेगी, जैसे पहले आईटी सेक्टर ने देश की अर्थव्यवस्था को बदल दिया था।

डॉ. सिंह ने कहा कि बजट में कृषि क्षेत्र में एआई के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे किसानों को सटीक जानकारी, बेहतर फसल प्रबंधन और जोखिम से सुरक्षा मिलेगी। बजट का लाभ गरीब वर्ग और आकांक्षी मध्यम वर्ग दोनों तक पहुंचेगा।

मानसिक स्वास्थ्य और आयुष के विकास पर भी ध्यान दिया गया है। उन्होंने बताया कि बजट में मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है और उत्तर भारत में नए सुपर-स्पेशलिटी मानसिक स्वास्थ्य संस्थान स्थापित किए जाएंगे। साथ ही आयुर्वेद और फार्मा शिक्षा के नए संस्थान खोले जाएंगे, जिससे पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक शोध से जोड़ा जा सके।

इसके अलावा, डॉ. सिंह ने नवीकरणीय ऊर्जा पर भी जोर दिया और बताया कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए आयात शुल्क में छूट को 2035 तक बढ़ा दिया गया है। बजट में रेयर अर्थ मिनरल्स, क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

मंत्री ने बताया कि बजट में विज्ञान अनुसंधान के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई है, जिसमें 30 मीटर का नेशनल लार्ज ऑप्टिकल टेलीस्कोप और पैंगोंग झील के पास नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि यह बजट अनुसंधान, उत्पादन और उपयोग- तीनों को एक साथ जोड़ने वाला है। विज्ञान आधारित ये सुधार भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि विकास समावेशी, टिकाऊ और नागरिक-केंद्रित रहे।

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