
नई दिल्ली, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच के माध्यम से पंजाब मुख्य सचिव एवं अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध शुरू की गई अपराधिक अवमानना की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह आदेश इस तथ्य पर आधारित है कि इस कार्यवाही का प्रारम्भ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट द्वारा दिए गए एक निर्णय के बाद किया गया था, जिसमें कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते तथा महंगाई राहत के भुगतान से जुड़ी समस्या को सुलझाने के लिये पंजाब मुख्य सचिव के खिलाफ अपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया था।
मामले की याचिका में यह तर्क दिया गया था कि हाई कोर्ट ने आदेशों का पालन न करने और सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका की स्थिति को लेकर गलत जानकारी अर्थात् हलफनामा देने के आरोपों के आधार पर पंजाब मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के विरुद्ध अपराधिक अवमानना की कार्यवाही आरम्भ करने तथा 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया गया। इस पर प्रतिवादी पक्ष ने बताया कि आदेशों को न मानने का कोई ठोस प्रमाण नहीं है और विशेष अनुमति याचिका का दुरुपयोग नहीं किया गया है।
सुविधाजनक सुनवाई के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने बेंच को आदेश दिया कि वह इस कार्यवाही को रोक दे, क्योंकि मूल न्यायालय के आदेशों में त्रुटियां पाई गईं और यह कार्यवाही प्रक्रियागत रूप से अनियमित थी। इस निर्णय के साथ, पंजाब मुख्य सचिव एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध चल रही अपराधिक अवमानना की प्रक्रिया को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है, जबकि आगे की कार्यवाही का निर्णय भविष्य में लिया जाएगा।
