
चंडीगढ़, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री, ने आज करनाल में आयोजित लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ रैली के दौरान यह घोषणा की कि भारत की मतदाता सूची में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तीन करोड़ घुसपैठियों को बचाने के लिए देशभर में रैलियाँ लगा रही है, जबकि वह स्वयं इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए लोकसभा का विशेष सत्र बुलाने को तैयार हैं।
रैली के दौरान, अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “वह प्रधानमंत्री को बहस की चुनौती देते हैं, परन्तु देश के मुद्दों पर संसद में चर्चा करने से बचते हैं।” उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि सरकार एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा के लिए लोकसभा का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है, परन्तु राहुल गांधी को गारंटी देनी चाहिए कि वे संसद में इस विषय पर चर्चा से भाग नहीं लेंगे।

सभी के सामने उन्होंने आँकड़े प्रस्तुत किये: 13 करोड़ वोट कटने का दावे के विपरीत 2.8 करोड़ मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है; सवा छह करोड़ मतदाता दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो चुके हैं; एक करोड़ मतदाता ऐसे हैं जिनके तीन से अधिक स्थानों पर वोट थे; और तीन करोड़ मतदाता ऐसे हैं जो चुनाव आयोग के सामने आ नहीं रहे हैं और न ही धरती पर दिखाई दे रहे हैं।
इस पृष्ठभूमि में, अमित शाह ने कहा कि सरकार इन घुसपैठियों को पहले मतदाता सूची से बाहर करेगी और फिर देश से बाहर कर देगी। उन्होंने आगे बताया कि हरियाणा में कांग्रेस के पास आज कोई वास्तविक मुद्दा नहीं है, और पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर कांग्रेस के झूठ के बारे में लोगों को बताने के अभियान तेज कर रहे हैं।
रैली में उपस्थिति दर्ज कराए मनोहर लाल, स्मृति ईरानी, हरविंद्र कल्याण, राव नरबीर सिंह, कृष्ण बेदी, कृष्ण लाल पंवार, और महिपाल ढांडा सहित कई नेता भी मौजूद थे।
