
कोलकाता, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर की ओर जाने वाले रास्ते पर 10 दिसंबर 2020 को तत्कालीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर अचानक ईंट-पत्थर व लाठियों से हमला हुआ। इस घटना में कई नेताओं के वाहन के शीशे टूटे, तथा केंद्रीय नेता कैलाश विजयवर्गीय को ईंट से चोट लगी। यह हमला उस समय हुआ जब नड्डा को राज्य विधानसभा चुनाव के पूर्व एक बड़ी जनसभा के लिए यात्रा करनी थी।
सप्ताहों के गहन जांच के बाद, बुधवार देर रात, उस्ती थाना के पुलिस ने इमरान हसन को गिरफ्तार किया। हसन, जो तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते थे, मगरीहाट, पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के युवा अध्यक्ष थे। पुलिस के मुताबिक, हसन पर नड्डा के काफिले पर हमला के साथ-साथ चुनाव पूर्व विरोधियों को धमकी, कार्यकर्ताओं पर अत्याचार, और उनके घरों में तोड़फोड़ के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
अतिरिक्त तौर पर, जंगीर खान और मगरीहाट नंबर पैनल समिति के लोक निर्माण कर्माध्यक्ष तौसीफ अहमद मोल्ला उर्फ बच्चू, आरिफ हुसैन तथा अनिसुर रहमान को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के पूछताछ से संजिव मंडल और रिपन के नाम सामने आए, जिन्हें भी हिरासत में लिया गया।
पूर्व तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी, परन्तु सत्ता परिवर्तन के बाद इस मामले की नई सिरे से जाँच के कठोर निर्देश दिए गए। अब तक पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और इस संगठित हमले की कड़ियों को जोड़ने के लिए कानूनी कार्रवाई जारी है।
