
जगदलपुर, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में समूह बैंक क्रेडिट व इंटरप्राइजेज फाइनेंस विषय पर एक दिवसीय बैंकर्स प्रशिक्षण‑सह कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का प्राथमिक लक्ष्य बस्तर जिले में महिला स्व‑सहायता समूहों के वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करना तथा स्वरोज़गार‑उद्यम स्थापित करने के लिये सुलभ ऋण प्रवाह सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीयस्तर के मास्टर ट्रेनर श्रीनिवास राव, एनआरएलएम के अशोक चौहान एवं अग्रणी जिला प्रबंधक जॉर्ज विलियम तिर्की विशेष रूप से उपस्थित रहे। बस्तर के विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक, बैंकर्स, साथ ही जनपद पंचायतों से आए खंड मिशन प्रबंधक, जिला मिशन प्रबंधन इकाई व खंड मिशन प्रबंधन इकाई की टीमों ने भी कार्यशाला में भाग लिया।
कार्यशाला में समूहों को समूह बैंक क्रेडिट लिंकेज के तहत समय पर कैश क्रेडिट लिमिट की स्वीकृति देने और उनके व्यक्तिगत एवं सामूहिक उद्यमों को सुदृढ़ करने हेतु इंटरप्राइजेज फाइनेंस की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही ऑनलाइन ऋण आवेदन व त्वरित स्वीकृति प्रक्रिया को गति देने के लिये इला एप्लीकेशन का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। भोजन प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना तथा स्वरोज़गार सृजन के लिये प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत उपलब्ध वित्तीय लाभों पर भी प्रकाश डाला गया।
सत्र के अंत में राष्ट्रीय रिसोर्स पर्सन श्रीनिवास राव ने कहा, “बैंकों का सहयोग ही बिहान की दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने की सबसे मजबूत कड़ी है। ग्रामीण महिलाएँ अब केवल बचत तक सीमित न रहकर बड़े उद्यमों की ओर कदम बढ़ा रही हैं; इसलिए उन्हें विभिन्न स्वरोज़गार योजनाओं से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए।” वहीं जॉर्ज विलियम तिर्की ने जिला में लंबित कैश क्रेडिट लिमिट प्रकरणों व ईएलए आवेदनों के त्वरित निराकरण पर बल दिया और सभी बैंकर्स से निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने एवं मिशन की टीम के साथ निरन्तर समन्वय बनाए रखने का आह्वान किया।
