
Kathmandu, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। नेपाल-भारत के बीच सीमा सुरक्षा समन्वय हेतु आयोजित वार्षिक बैठक में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक संजय सिंघल आज काठमांडू पहुंचे हैं। सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के साथ यह बैठक बुधवार से तीन दिन तक चलने का कार्यक्रम है।
पिछले एक दशक से हर साल आयोजित होने वाली यह उच्च‑स्तरीय बैठक इस वर्ष अपनी दशमी बैठक मनाएगी। इसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। खुली सीमा के फायदों के साथ‑साथ मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा शुल्क चोरी, अवैध निर्यात‑आयात और अन्य अनैतिक व्यापार को लेकर दोनों पक्ष चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
नेपाल भारतीय मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने हेतु सूचना‑साझाकरण और सहयोग को तेज़ करने की मांग करेगा। वहीं भारत आतंकवादी घुसपैठ, अनधिकृत आवागमन, शराब की अवैध ढुलाई और गंभीर अपराधियों के दोनों देशों में छिपने की समस्या को एजेंडा में रख रहा है।
तीसरे देशों के नागरिकों की सीमा पार आवाज़ाही पर भी चर्चा होगी। पिछले दौर में दोनों पक्षों ने बांग्लादेशी, पाकिस्तानी और रोहिंग्या समुदाय सहित अन्य राष्ट्रीयताओं की निगरानी बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
बैठक में संयुक्त गश्त, सीमा स्तंभों की मरम्मत, आपदा तैयारी, सुरक्षा कर्मियों की क्षमता वृद्धि, प्रशिक्षण सहयोग तथा अवैध पदार्थों की तस्करी रोकने के उपायों पर विस्तृत विमर्श होगा।
पिछले वर्ष नई दिल्ली में आयोजित नौवीं समन्वय बैठक में निर्धारित कई बिंदुओं की प्रगति पर समीक्षा की गई थी, परन्तु कई सहमतियों का पूर्ण कार्यान्वयन नहीं हो पाया। इसलिए इस बार उन बिंदुओं की कार्यवाही की स्थिति और प्रभावी कार्यान्वयन के नए तंत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
तीन दिनों की इस बैठक से नेपाल-भारत सीमा सुरक्षा की जटिलताओं का पुनरावलोकन, सूचना‑साझाकरण को सुदृढ़ बनाना और पूर्व के समझौतों को ठोस रूप में लागू करने के लिए नई रणनीति तैयार करने की उम्मीद है।
