
ग्वालियर, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास श्रद्धालुओं को रौंदते हुए पहुँचा अनियंत्रित ट्रक, 14 लोगों की जान ले गया। सप्तमी पर देवी दर्शन के लिए जुटे भक्तों के बीच आधी रात के बाद हुई इस दुर्घटना ने पूरे प्रदेश में गहरा शोक मचा दिया है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया और घोषणा की कि सभी मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये तथा गंभीर घायलों को दो लाख रुपये, अन्य घायलों को पचास हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए। प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर के निवासी हैं। मुख्यमंत्री ने मंत्री एडिल सिंह कंसाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुँचने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने X पर लिखा: “ग्वालियर में हुए ट्रक हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत हृदयविदारक है। इस दुःख की घड़ी में राज्य सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ है। सभी मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सभी घायलों का उपचार मुफ्त कराया जाएगा।
हादसा शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि के करीब 1:30 बजे चीनौर रोड की ढलान के पास हुआ। ट्रक भारी माल लेकर आ रहा था और सड़क पर लगाए गये पुलिस के स्टॉपर को तोड़ते हुए आगे बढ़ा। उसने दुकानों, भक्तों और मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार की दीवार को ध्वस्त कर दिया, जिससे कई लोग ट्रक व मलबे के नीचे दब गए। घटना स्थल पर पुलिस व प्रशासन ने मिलकर बचाव कार्य किया और घायलों को अस्पताल पहुँचाया।
जिला प्रशासन ने 14 लोगों की मौत की पुष्टि की; घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया और कुछ की हालत गंभीर बताई गई। दुर्घटना के बाद अस्पतालों में परिजन अपनों की तलाश में भटकते रहे। ट्रक के नियंत्रण एवं सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव के अनुसार, मंदिर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के बावजूद ट्रक स्टॉपर तोड़कर पहुंचा। कलेक्टर रुचिका चौहान ने भी बताया कि ट्रक ढलान से अनियंत्रित होकर मंदिर की ओर आया, और स्टॉपर टूटे हुए मिले।
इस दुखद घटना से धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व यातायात प्रबंधन पर गंभीर सवाल उभरे हैं, जो सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गई है।
