
शिमला, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कुपवी क्षेत्र में एक नया साइबर ठगी मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति के बैंक खाते से दो अलग‑अलग लेन‑देन में मिलाकर छह लाख रुपये निकाले गए। पीड़ित के मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त होने के बाद पहले चरण में चार लाख रुपये निकाले गये। इसके तुरंत बाद पीड़ित ने बैंक कर्मचारियों से संपर्क कर अपना खाता फ्रीज करने का आग्रह किया, परंतु इस कार्रवाई के बावजूद खाता से अतिरिक्त दो लाख रुपये और निकाल लिये गये। यह घटना कुपवी के सनत गांव में रहने वाले नारायण सिंह (पुत्र कृपा राम) की है, जिन्होंने इस धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई है।
शिकायत में बताया गया कि 13 अक्टूबर को दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे उनके मोबाइल नंबर पर अनधिकृत ओटीपी आए। वही ओटीपी का उपयोग करके हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के उनके खाते से पहले चार लाख रुपये निकाले गये। बड़े रकम की कटौती का पता चलते ही नारायण सिंह ने तुरंत बैंक के प्रतिनिधियों से बात की और खाते को फ्रीज करने को कहा। बैंक के निर्देशों के बाद भी खाते से अतिरिक्त दो लाख रुपये की निकासी हुई, जिससे कुल नुकसान छह लाख रुपये रहा।
पुलिस ने इस सूचना के आधार पर मामला दर्ज किया। पोलिस थानाकुपवी के अधिकारी ने बताया कि मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत दर्ज किया गया है। कुपवी थाने को साइबर क्राइम पुलिस थाना शिमला से शून्य एफआईआर प्राप्त हुई, जिसके बाद कुपवी थाने में औपचारिक रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। इस जांच की देखरेख पोलिस थाना कुपवी के एसआई एवं थाना प्रभारी अनिल कुमार कर रहे हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि वे बैंक खाते से हुई निकासी, ओटीपी के स्रोत तथा धनराशि निकालने के लिये उपयोग किए गये तकनीकी माध्यम की पूरी जांच करेंगे। इस समय उपलब्ध शिकायत विवरण में यह स्पष्ट नहीं है कि ओटीपी किस प्रक्रिया के तहत आया और कौन से डिजिटल चैनल के माध्यम से लेन‑देन किया गया। पुलिस इन बिंदुओं को स्पष्ट करने के लिये फॉरेंसिक परीक्षण और बैंक की सहयोगी टीम के साथ मिलकर काम कर रही है। मामले की प्रगति के साथ आगे की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
