
ग्वालियर, 18 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। एक भयानक दुर्घटना में, ग्वालियर के शीतला माता मंदिर की दीवार को बेकाबू ट्रक ने टक्कर मारकर ढहाया, जिससे 14 लोग मृत और कई घायलों के साथ अस्पतालों में भर्ती हुए। दुर्घटना रात 1:30 बजे हुई, जब मंदिर की ओर सप्तमी के दौरान बड़ी भीड़ जुटी थी। ट्रक चीनौर रोड की ढलान से नीचे आते हुए पोलिस स्टॉपर तोड़ते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुँच गया, रास्ते में श्रद्धालुओं और प्रसाद की दुकानों को कुचलते हुए। दीवार के ढहने से कई लोग मलबे के नीचे दब गए।
जिला प्रशासन ने पुष्टि की कि 14 मृतकों में बच्चे, किशोर, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। आठ मृतकों के नाम: सत्येंद्र गुर्जर (22), सरला तोमर (50), गौरव परिहार (18), महेश शर्मा (45), विमलेश (18), देवेश बघेल (17), प्रिंस (छोटू) जाटव (16) और शौर्य शर्मा (15)। शेष छह की पहचान जारी है।
घायलों की सूची में कौशिक पाल (25), जानवी पाल (22), यश शर्मा (11), नितेश/रीतेश (18), आशु शर्मा (19), मनीष (32), अनुज शर्मा (19), राज बहादुर (20), शुभम राठौर (21), राजेश सिंह (32), मुन्नुद्दीन खान (56), पवन राठौर (28), शिवम शर्मा (19), राजेन्द्र शर्मा (60), अनुप्रिया गोस्वामी (18), सोनू तोमर (42), शैलेंद्र तोमर (17), रवि कुशवाह (20), राधा राठौर (19), आदित्य यादव (19), विवेक राठौर (20), सब्बी (29), सावन मौर्य (33) और निकेश जाटव (18) हैं।

पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी वाहन रोकने का इंतजाम पोलिस स्टॉपर से किया गया था, पर ट्रक ने उन्हें तोड़कर आगे बढ़ा। दुर्घटना से दो पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड जवान घायल हुए।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा, “ट्रक ढलान से अनियंत्रित होकर आया और स्टॉपर टूटे हुए मिले। हम जांच कर रहे हैं कि क्या सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई। प्रशासन घायलों को बेहतर उपचार और परिजनों को सहायता प्रदान कर रहा है।”
इस घटना ने धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण पर गंभीर सवाल उठाए हैं, और यह स्पष्ट करता है कि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहन रोकने के बावजूद ट्रक कैसे पहुँच गया।
