
जिगना, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। प्रयागराज हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय का बंद पड़ा मकान उत्तर प्रदेश के जिगना थाना क्षेत्र के खैरा गांव में चोरों ने निशाना बना लिया। दस कमरों के ताले तोड़कर चोरों ने लाखों रुपये का माल ले गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक अपूर्णा रजत कौशिक एवं कई वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया।
न्यायमूर्ति के बड़े भाई माताम्बर उपाध्याय ने बताया कि वे गाज़ियाबाद में नौकरी करने वाले अपने बेटे के पास दवा‑इलाज के लिए गए थे। शनिवार शाम घर लौटते ही उन्होंने मुख्य गेट का ताला खोला, परन्तु अंदर का दृश्य देखकर उनका होश उड़ गया। मकान के दस कमरों के ताले टूटे पड़े थे, साथ ही अलमारी, लॉकर और संदूक के ताले भी खुले हुए मिले।
प्रारम्भिक जांच से पता चला है कि चोर संभवतः मकान के पिछवाड़े से छत पर चढ़कर आंगन में उतरकर चोरी कर चुके थे। सूचना प्राप्त होते ही फोरेंसिक टीम ने स्थल पर फिंगरप्रिंट सहित सभी भौतिक साक्ष्य एकत्र किए और विस्तृत परीक्षण शुरू किया।
माताम्बर उपाध्याय चार भाइयों में सबसे बड़े हैं और गांव में खेती‑बाड़ी का संचालन करते हैं। उनके छोटे भाई रामकृष्ण उपाध्याय जिला जज पद से सेवानिवृत्त हैं, तीसरे भाई श्रीकृष्ण उपाध्याय राजगढ़ ब्लॉक में एडीओ‑पंचायत के पद पर कार्यरत हैं। सबसे छोटे भाई, जय कृष्ण उपाध्याय, प्रयागराज हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति के रूप में कार्यरत हैं और वह भी घटना की सूचना मिलने पर तुरंत घर पहुंचे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी स्थल पर उपस्थित थे। थाना प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि चोरी की जांच चल रही है और जल्द ही साक्ष्य के आधार पर दोषियों को उजागर करने का प्रयास किया जाएगा। वर्तमान में फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे आगे की कार्रवाई का मार्ग तय किया जा सके।
