
उज्जैन, 17 अक्टूबर (हिंदी समाचार)। मध्य प्रदेश के पवित्र ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल की नगरी में नवरात्रि के अवसर पर नारी शक्ति को सम्मानित करने हेतु एक अभूतपूर्व कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोकमान्य तिलक महाआयोजन समिति के मार्गदर्शन में शनिवार को शहर के 151 पंडाल, धर्मशालाओं, बड़े हॉलों और खुले परिसरों में एक ही शुभ मुहूर्त में 35 हज़ार से अधिक (31 हज़ार उल्लेखित) 13 साल से कम आयु की कन्याओं का एक साथ महापूजन सम्पन्न हुआ। पूजा का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित था, और इस दौरान पूरे शहर में “जय माता दी” का जयकार गूंजता रहा।
पंजीकृत कन्याओं को ही प्रवेश दिया गया, और प्रत्येक पंडाल पर विस्तृत सजावट और पूजा की व्यवस्था की गई। वार्ड 29 के सूरज नगर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में कन्याएँ पहुँचीं। यहाँ विधानसभा सदस्य अनिल जैन कालूहेड़ा एवं पंडित जानी गुरु सहित कई अतिथियों ने कन्याओं के पैर पखारकर उनका पूजन किया, उन्हें चुनरी ओढ़ाई और उपहार प्रदान किए।

इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए शहर के प्रत्येक जोन में पाँच हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने कई महीनों तक दिन-रात परिश्रम किया। स्वयंसेवकों की यह अथक मेहनत आज धरातल पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में फलीभूत हुई। कार्यक्रम के सूत्रधार विधानसभा सदस्य अनिल जैन कालूहेड़ा और उनकी पूरी टीम ने इस महाकुंभ को छः महीने की कड़ी तैयारी के बाद सफलतापूर्वक पूरा किया।
समापन के बाद अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा, “यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति से जोड़ने वाला एक जनआंदोलन है। उज्जैन की जनता और हमारी समर्पित टीम के सहयोग से जो रिकॉर्ड स्थापित हुआ, वह अद्वितीय है।” इस अभूतपूर्व महाकुंभ में शहर के प्रमुख समाजसेवी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिनिधि तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे, जो इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने।
