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कच्चे तेल के दाम आसमान पर… फिर भी भारत में अब तक नहीं बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमत

कच्चे तेल के दाम आसमान पर… फिर भी भारत में अब तक नहीं बढ़ी पेट्रोल-डीजल की कीमत

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। इंटरनेशनल मार्केट (International Market) में कच्चे तेल (Crude oil) के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन सरकारी तेल कंपनियों (Government Oil Companies) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price) में पिछले 4 साल से कोई बढ़ोतरी नहीं की है। हालांकि, बीते महीने शेल इंडिया और नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के रेट (Petrol Diesel Price) में इजाफा कर दिया था। शेल इंडिया ने पेट्रोल की कीमतों में 7.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 25.01 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। कंपनी ने 1 अप्रैल को रेट बढ़ाया था। उसके बाद से इस कंपनी ने भी कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। बता दें, इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर आज दिल्ली में डीजल 87.67 रुपये और पेट्रोल 101.89 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। नायरा एनर्जी ने भी कीमतों में किया है इजाफा (Petrol Price Today)26 मार्च को नायरा एनर्...
US: ट्रंप ने फिर फोड़ा टैरिफ बम…. UN से आने वाले वाहनों पर लगाया 25% टैक्स

US: ट्रंप ने फिर फोड़ा टैरिफ बम…. UN से आने वाले वाहनों पर लगाया 25% टैक्स

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने एक बार फिर से टैरिफ बम (Tariff Bomb) फोड़ा है। इस बार उन्होंने कहा कि वह अगले हफ्ते से यूरोपीय यूनियन (European Union) से आने वाली कारों और ट्रकों पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ा देंगे। वह इसे बढ़ाकर 25 फीसदी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह गुट पहले हुए एक व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर लिखा, "इस तथ्य के आधार पर कि यूरोपीय यूनियन हमारे पूरी तरह से सहमत व्यापार समझौते का पालन नहीं कर रहा है, अगले सप्ताह मैं अमेरिका में आने वाली कारों और ट्रकों पर यूरोपीय यूनियन से लिए जाने वाले टैरिफ को बढ़ा दूंगा। टैरिफ को बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा।'' अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ''हालांकि, यदि वे अमेरिका के प्लांट्स में कारों और ट्रकों का प्रोडक्शन करते हैं, तो कोई टैरिफ नहीं...
4 साल के उच्च स्तर पर पहुंचा क्रूड…. ईरान युद्ध चरम पर था तब भी इतने नहीं बढ़े थे दाम

4 साल के उच्च स्तर पर पहुंचा क्रूड…. ईरान युद्ध चरम पर था तब भी इतने नहीं बढ़े थे दाम

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
तेहरान । ईरान युद्ध (Iran War) जब चरम पर था, तब क्रूड (Crude) ने इतनी बड़ी छलांग नहीं लगाई थी। अब जब बातचीत की कोशिशें दिख रही हैं और युद्ध की रफ्तार धीमी हुई है, तब ब्रेंट क्रूड (Brent crude) उछलकर चार साल के उच्च स्तर 126 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। यह विरोधाभास नहीं है। तेल बाजार युद्ध की आवाज नहीं, आपूर्ति की सांस सुनता है। दरअसल, एक्सिओस की एक रिपोर्ट (Axios reports) आने के बाद बृहस्पतिवार को कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 126.41 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जो 9 मार्च, 2022 के बाद इसका उच्चतम स्तर है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बृहस्पतिवार को ईरान पर सैन्य हमलों की एक शृंखला की योजनाओं के बारे में जानकारी दी जानी है। ऐसा इस उम्मीद में किया जा रहा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए वापस लौट आएगा। ऊर्जा विशेषज्ञ म...
आज से इस कोड के बिना नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर…. बुकिंग के नियमों में हुए कई बदलाव

आज से इस कोड के बिना नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर…. बुकिंग के नियमों में हुए कई बदलाव

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) को लेकर लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आज 1 मई से नियमों में कई बदलाव (Many changes Rules) हो गए हैं। जिसकी वजह से अब एलपीजी सिलेंडर बिना डॉक्यूमेंट के लेना और कठिन हो जाएगा। बता दें, इस बीच कॉमर्शियल गैस सिलेंडर (Commercial gas cylinder) की कीमतों में आज भारी इजाफा किया गया है। 1 मई से एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में हुआ बदलाव? (LPG Booking rules changed)अभी तक आप अपना एलपीजी बुकिंग पासबुक के जरिए भी सिलेंडर पा जाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बिना ओटीपी के एक भी सिलेंडर नहीं मिल पाएगा। डिस्ट्रीब्यूटर्स DAC नंबर के बिना एलपीजी सिलेंडर नहीं दे पाएंगे। इस नियम को आज से और कड़ा कर दिया गया है। एलपीजी बुकिंग कितने दिन में? (LPG booking time)1 मई यानी आज से शहरी क्षेत्रों में 21 दिन की जगह 25 दिन पर एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करवाई जा ...
RBI ने 6 माह में भारत में शिफ्ट किया 104 टन सोना…. जानें विदेशी मुद्रा भंडार का हाल

RBI ने 6 माह में भारत में शिफ्ट किया 104 टन सोना…. जानें विदेशी मुद्रा भंडार का हाल

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India- RBI) ने पिछले छह महीनों में अपने सोने के भंडार का बड़ा हिस्सा देश के भीतर शिफ्ट किया है, जिससे गोल्ड की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ी है। 6 महीने में 104 टन सोना देश में शिफ्टआरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच करीब 104.23 मीट्रिक टन सोना विदेश से भारत लाया गया। इसके साथ ही देश में रखा गया कुल सोना बढ़कर 290.37 मीट्रिक टन हो गया है। हालांकि, कुल गोल्ड रिजर्व में बहुत बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। मार्च 2026 तक RBI के पास कुल 880.52 मीट्रिक टन सोना है, जो सितंबर 2025 के 880.18 टन से थोड़ा ही ज्यादा है। विदेश में अभी भी कितना सोना रखा हैआरबीआई अभी भी अपने सोने का एक बड़ा हिस्सा विदेश में सुरक्षित रखता है। करीब 197...
पांच राज्यों के चुनाव के बाद भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं….

पांच राज्यों के चुनाव के बाद भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं….

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। 5 राज्यों के चुनाव के बाद आज पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel Price) के नए रेट जारी हो गए हैं। इस बीच बुरी खबर ये है कि कच्चा तेल (Crude oil) 119 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। आज 30 अप्रैल को सुबह 6 बजे सरकारी ऑयल माार्केटिंग कंपनियों (Government oil marketing companies) इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल ने फ्यूल के रेट अपडेट कीं। आज के ताजा रेट के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। बता दें कि अप्रैल 2022 के शुरू से ही पेट्रोल और डीजल के रिटेल दाम नहीं बदले हैं। कच्चे तेल की कीमतों में लगी आगईरान-अमेरिका युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें अभी भी 119 डॉलर प्रति बैरल के पार हैं। युद्ध शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थीं। ब्रेंट क्रूड 119 डॉलर प्रति बैरल के पार ट्रेड कर रहा है। जबकि, WTI के भाव 106 डॉ...
एशिया की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा तेल संकट का असर…. हो सकता है 1970 जैसा बदलाव!

एशिया की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा तेल संकट का असर…. हो सकता है 1970 जैसा बदलाव!

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis.) और तेल की कीमतों (Oil prices) में उछाल का असर अब धीरे-धीरे एशिया की अर्थव्यवस्थाओं (Economies of Asia.) और आम लोगों की जिंदगी पर दिखने लगा है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह बदलाव वैसा ही हो सकता है जैसा 1970 के दशक के तेल संकट के बाद यूरोप में देखने को मिला था, जब पूरी ऊर्जा व्यवस्था ही बदल गई थी। 1970 का सबक: कैसे यूरोप ने तेल पर निर्भरता घटाई1973 और 1979 के तेल संकट के बाद शुरुआत में अनुमान था कि यूरोप पहले की तरह ही तेल पर निर्भर रहेगा। लेकिन हुआ इसका उल्टा। महंगे कच्चे तेल ने यूरोप को गैस और परमाणु ऊर्जा की ओर धकेल दिया। नतीजा यह हुआ कि 1980 के दशक तक तेल की खपत गिर गई और गैस का इस्तेमाल दोगुना हो गया। अब एशिया में दिख रहे वही संकेतआज एशिया भी उसी मोड़ पर खड़ा नजर आ रहा है। दुनिया का 80% से ज्यादा तेल-गैस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर एश...
होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी से ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल …. कच्चा तेल 120 डॉलर के पार

होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी से ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल …. कच्चा तेल 120 डॉलर के पार

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
तेहरान। ग्लोबल ऑयल मार्केट (Global Oil Market) में उथल-पुथल जारी है। अमेरिका के ईरान के खिलाफ सख्त रुख और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जारी नौसैनिक नाकाबंदी (Naval blockade) के चलते कच्चे तेल के दाम (Crude Oil Price) लगातार बढ़ रहे हैं। गुरुवार को कीमतों में और इजाफा देखने को मिला, जबकि एक दिन पहले ही इनमें करीब 7 प्रतिशत की उछाल आई थी। ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर के पारब्लूमबर्ग के मुताबिक इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का जून कॉन्ट्रैक्ट 120.08 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद स्तर से 1.74 प्रतिशत अधिक है। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (Nymex) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) का जून कॉन्ट्रैक्ट 0.55 प्रतिशत चढ़कर 107.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ट्रंप का बयान: ‘सूअर की तरह घुट रहे हैं ईरान’अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू मे...
अमेरिकी नाकाबंदी से रुका निर्यात…. ईरान पुराने और कबाड़ टैंकों में स्टोर कर रहा तेल

अमेरिकी नाकाबंदी से रुका निर्यात…. ईरान पुराने और कबाड़ टैंकों में स्टोर कर रहा तेल

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
तेहरान। ईरान (Iran) अपने तेल (Oil) को इकट्ठा करने के लिए नए तरीके खोजने में जुटा है। अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी (American naval blockade) ने उसके निर्यात (Export) को लगभग रोक दिया है। ईरान पूरी तरह उत्पादन बंद करना नहीं चाहता। ऐसे में वह पुराने और कबाड़ टैंकों में बिना बिके तेल को भरने में जुटा है। ईरान के भीतर तेल का भंडार बढ़ने के साथ ही वह अब जंक स्टोरेज (कबाड़ भंडारण) के रूप में जाने जाने वाले पुराने स्थलों को फिर से चालू कर रहा है। वह कामचलाऊ कंटेनरों का उपयोग कर रहा है। इसके साथ ही रेल के जरिये चीन को कच्चा तेल भेजने की कोशिश भी कर रहा है। वह किसी टैंक, जहाज, कामचलाऊ जगह या फिर उसे जमीन के नीचे ही छोड़ने पर काम कर रहा है। ये असामान्य कदम बुनियादी ढांचे के संकट को टालने और हॉर्मुज को लेकर जारी गतिरोध में वाशिंगटन के दबाव को कम करने के लिए उठाए जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच यह यु...
बांग्लादेश ने अपने पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र में यूरेनियम ईंधन लोडिंग की प्रक्रिया की शुरू

बांग्लादेश ने अपने पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र में यूरेनियम ईंधन लोडिंग की प्रक्रिया की शुरू

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
ढाका। बांग्लादेश (Bangladesh) मंगलवार को अपने पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र (First Nuclear Power Plant) रूपपुर में यूरेनियम ईंधन लोड करने की ऐतिहासिक प्रक्रिया शुरू कर दिया है। यह देश के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर है, जो 2400 मेगावाट क्षमता वाले इस प्लांट के जरिए देश की कुल बिजली मांग का करीब 10 प्रतिशत पूरा करने की राह खोलेगा। ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, 2400 मेगावाट क्षमता वाले रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में ईंधन भरने का कार्यक्रम मूल रूप से 7 अप्रैल को प्रस्तावित था, लेकिन नियामक मंजूरियों और सुरक्षा संबंधी कुछ अनसुलझे मुद्दों के कारण कई बार टाल दिया गया था। ईंधन लोडिंग समारोह में बांग्लादेशी और रूसी अधिकारियों ने भाग लिया। समारोह के दौरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी का रिकॉर्डेड संदेश भी सुनाया और दिखाया गया, जिसमें उन्होंने इस मील के पत...