नई दिल्ली। एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) को लेकर लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आज 1 मई से नियमों में कई बदलाव (Many changes Rules) हो गए हैं। जिसकी वजह से अब एलपीजी सिलेंडर बिना डॉक्यूमेंट के लेना और कठिन हो जाएगा। बता दें, इस बीच कॉमर्शियल गैस सिलेंडर (Commercial gas cylinder) की कीमतों में आज भारी इजाफा किया गया है।
1 मई से एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में हुआ बदलाव? (LPG Booking rules changed)
अभी तक आप अपना एलपीजी बुकिंग पासबुक के जरिए भी सिलेंडर पा जाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बिना ओटीपी के एक भी सिलेंडर नहीं मिल पाएगा। डिस्ट्रीब्यूटर्स DAC नंबर के बिना एलपीजी सिलेंडर नहीं दे पाएंगे। इस नियम को आज से और कड़ा कर दिया गया है।
एलपीजी बुकिंग कितने दिन में? (LPG booking time)
1 मई यानी आज से शहरी क्षेत्रों में 21 दिन की जगह 25 दिन पर एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करवाई जा सकती है। वहीं, गांव में पहले से ही 45 दिन के अंतराल पर एलपीजी सिलेंडर बुक किया जा सकता है। सप्लाई को बेहतर बनाने और गलत उपयोग को रोकने के लिए सरकार ने यह नियम बनाए हैं।
98% बुकिंग हो रही है ऑनलाइन
मौजूदा समय में 98% सिलेंडर की बुकिंग ऑनलाइन ही हो रही है। जबकि 94 प्रतिशत डिलीवरी कोड्स के जरिए हो रहा है। इससे कालाबाजारी पर नकेल कसी गई है।
eKYC हुई एलपीजी सिलेंडर के लिए जरूरी (LPG booking ekyc details)
अगर आपने अपने एलपीजी पासबुक का eKYC नहीं करवाया है तो ऐसी स्थिति में सिलेंडर नहीं मिलेगा। अब आधार आधारित eKYC करवाना जरूरी हो गया है। बता दें, जिन ग्राहकों ने eKYC नहीं करवाई है उन्हें एलपीजी सिलेंडर बुक करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
1 मई को बढ़ गए कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के रेट (LPG price today)
आज दिल्ली में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 993 रुपये बढ़ गया है। जिसके बाद 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर का रेट 3071.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, कंपनियों ने घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आज कोई भी इजाफा नहीं किया है। आखिरी बार घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट मार्च में बढ़ाया गया था। उसके बाद से ही दाम स्थिर है।
युद्ध के बाद एलपीजी की शुरू हुई किल्लत (LPG latest News)
भारत अपनी एलपीजी जरूरत के लिए पूरी तरह से खाड़ी देशों पर निर्भर था। लेकिन युद्ध ने आपूर्ति पर बुरा असर डाला है। जिसकी वजह से सप्लाई लगभग रुक गई है। सरकार ने घरेलू कंपनियों को एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कहा है। इसके अलावा यूनाइटेड स्टेट से भी एलपीजी मंगवाया जा रहा है। हालांकि, भारत को इसके लिए और पैसे खर्च करने होंगे।
