भोजशाला केस में मुस्लिम पक्ष की नई दलील… कहा- खिलजी के हमले में मंदिर तोड़ने के सबूत नहीं
इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) में गुरुवार को मुस्लिम पक्ष (Muslim side) ने दलील दी कि भोजशाला परिसर (Bhojshala Complex) में सरस्वती मंदिर (Saraswati Temple) होने और अलाउद्दीन खिलजी की फौज के हमले में इसे गिरा कर मस्जिद बनाने का कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है। याचिकाकर्ता 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' ने हाई कोर्ट में दावा किया है कि भोजशाला परमार राजवंश के राजा भोज की ओर से साल 1034 में स्थापित सरस्वती मंदिर है। इसे मालवा क्षेत्र पर अलाउद्दीन खिलजी की फौज के हमले के दौरान 1305 में ढहाया गया था।
संगठन ने यह दावा भी किया है कि विवादित परिसर में मस्जिद बनाने के लिए मंदिर के अवशेषों का पुनः उपयोग किया गया था। सुनवाई के दौरान धार की मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के वकील तौसीफ वारसी ने इंदौर पीठ के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी के समक्ष विस्तृत दलीलें पेश...


