By: हृदयनारायण दीक्षित
हृदयनारायण दीक्षित प्रकृति माँ है। माँ प्रथमा है। हम सब माँ के अंग हैं। माँ का ही विस्तार हैं। माँ न होती तो हम न होते। माँ सृष्टि प्रकृति की आदि अनादि अनुभूति है। माँ दिव्य है। माँ का अनुभव दिव्यता है। तैत्तिरीय उपनिषद् के ऋषि ने ठीक ही माँ को दे
(लेखक, हिन्दुस्थान समाचार से संबद्ध हैं।)...
शहडोल, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ग्राम कठोतिया में शनिवार तड़के एक कच्चे मकान में लगी आग में 18 वर्षीय युवक की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसे के वक्त उसकी मां घर में ही मौजूद थीं, लेकिन आग की भयावहता और बंद दरवाजे के कारण बेटे को बचा नहीं सकीं। मां की आंखों के सामने ही उनका इकलौता सहारा हमेशा के लिए छिन गया। कोतवाली थाना क्षेत्र की इस घटना में गीता पटेल (45) अपने मकान के एक कमरे में सो रही थीं, जबकि उनका बेटा अमित (18) दूसरे कमरे में सोया हुआ था। इसी दौरान अचानक घर में आग लग गई। लपटें उठती देख गीता जान बचाकर बाहर निकल आईं, लेकिन अमित अंदर ही फंसा रह गया। मां ने मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया, लेकिन उस समय गांव में अधिकतर लोग गहरी नींद में थे। आग तेजी से अमित के कमरे तक पहुंच गई। वह मदद के लिए चिल्लाता रहा। मां ने पड़ोसियों को जगाने की कोशिश की, लेकिन आग इ...