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Tag: न्यायपालिका

सहमति से शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं: हाईकोर्ट

सहमति से शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं: हाईकोर्ट

कानून
प्रयागराज, 02 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि आपसी सहमति से लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए रखने के बाद यदि रिश्ता टूटता है, तो इससे उत्पन्न निराशा पर धोखे और छल से संबंध बनाने का आरोप लगाना दंडनीय अपराध नहीं होता। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 केवल उन संबंधों को दंडित करती है जो धोखे या छल से बने हों, न कि आपसी सहमति से बने रिश्तों के टूटने से होने वाली निराशा को। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक चले सहमति आधारित संबंध को बाद में धोखाधड़ी नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने झूठे वादे से संबंध बनाने की धारा 69 के तहत दर्ज अपराध को रद्द कर दिया, हालांकि अन्य धाराओं में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना जारी रखने का आदेश दिया है। पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक याचियों की गिरफ्तारी पर रोक भी लगाई गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद की खंडपीठ ने ...
कमलनाथ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्तियों पर उठाए सवाल, कहा- “पूर्व सरकारी वकीलों से निष्पक्षता की उम्मीद कैसे करें?”

कमलनाथ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्तियों पर उठाए सवाल, कहा- “पूर्व सरकारी वकीलों से निष्पक्षता की उम्मीद कैसे करें?”

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 31 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हाल ही में हुई न्यायाधीश नियुक्तियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लोकतंत्र में न्यायपालिका अंतिम उम्मीद की संस्था होती है, लेकिन जब अदालत में पूर्व सरकारी वकीलों की बड़ी संख्या होती है, तो आम नागरिकों के मन में निष्पक्षता को लेकर स्वाभाविक संदेह उत्पन्न होता है। कमलनाथ ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि लोकतंत्र में न्यायपालिका वह संस्था मानी जाती है, जहाँ सत्ता के अत्याचार के खिलाफ अंतिम उम्मीद होती है। आम नागरिक विश्वास करता है कि अदालतें सरकार से ऊपर उठकर, बिना किसी दबाव या झुकाव के, केवल संविधान और न्याय के आधार पर फैसले देंगी। लेकिन जब न्यायपालिका की संरचना सत्ता के पूर्व पैरोकारों से भरी नजर आती है, तो यह विश्वास संकट में पड़ जाता है। ...
आरपीएफ बैंड ने उच्च न्यायालय परिसर को संगीतमय बनाया

आरपीएफ बैंड ने उच्च न्यायालय परिसर को संगीतमय बनाया

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में ‘एन इवनिंग ऑफ म्यूजिकल हॉरमोनी‘ का भव्य एवं संगीतमय कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर रेलवे सुरक्षा बल बिलासपुर के पाइप एवं ब्रास बैंड ने अनुशासित एवं मनमोहक संगीतमय प्रस्तुति दी, जिसमें विशेष रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम की प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से संगीत, अनुशासन एवं सांस्कृतिक सौहार्द का सुंदर समन्वय देखने को मिला। बैंड द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति धुनों, पारंपरिक एवं समकालीन संगीत ने सभी को भावविभोर कर दिया। बैंड सदस्यों की अनुशासित परेड, तालमेल एवं संगीतात्मक उत्कृष्टता ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने बैंड की प्रस्तुति एवं कलाकारों के अनुशासन और संगीतात्मक उत्कृष्टता की सराहना की और प्रतिभागियों...
पटना उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस का बार और बेंच पर महत्वपूर्ण वक्तव्य

पटना उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस का बार और बेंच पर महत्वपूर्ण वक्तव्य

कानून
पटना, 30 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। पटना उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संगम कुमार साहू और तीन नवनियुक्त जजों के सम्मान में बार काउंसिल ऑफ इंडिया और बिहार राज्य बार काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में मौर्या होटल में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर जस्टिस संगम कुमार साहू के साथ-साथ जस्टिस रितेश कुमार, जस्टिस प्रवीण कुमार और जस्टिस अंशुल राज को सम्मानित किया गया। समारोह में संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बार और बेंच न्यायिक व्यवस्था के दो पहिए हैं और दोनों के सामंजस्य से ही न्यायिक प्रणाली सफलतापूर्वक कार्य कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि निचली अदालतों में जमानत से जुड़े मामलों का निपटारा प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है, जिससे उच्च न्यायालय पर अतिरिक्त बोझ बढ़ रहा है। इसके समाधान के लिए उन्होंने ज...
विधायक बालेश्वर साहू को राजनीतिक दुर्भावना से भेजा गया जेल : विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत

विधायक बालेश्वर साहू को राजनीतिक दुर्भावना से भेजा गया जेल : विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत

छत्तीसगढ़, राज्य
कोरबा, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। पूर्व छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता चरणदास महंत ने आज सोमवार को जांजगीर जिला जेल जाकर जैजैपुर के विधायक बालेश्वर साहू से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए महंत ने कहा कि बालेश्वर साहू एक प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधि हैं, जिन्होंने हमेशा जनता के कल्याण के लिए काम किया है और उनकी छवि निर्मल रही है। चरणदास महंत ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण में सभी कानूनी प्रक्रियाएँ जैसे जांच और फिंगरप्रिंटिंग पूरी हो चुकी हैं, फिर भी उन्हें गलत तरीके से जेल भेजा गया है। उन्होंने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि यहाँ स्पष्ट राजनीतिक दुर्भावना की झलक दिखती है। महंत ने यह आरोप भी लगाया कि जो लोग बालेश्वर साहू के खिलाफ सवाल उठा रहे हैं, उनकी खुद की आपराधिक पृष्ठभूमि किसी से छुपी नहीं है और वे नैतिक अधिकार खो चुके हैं। उन्होंने यह भी स्प...