
रायपुर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में ‘एन इवनिंग ऑफ म्यूजिकल हॉरमोनी‘ का भव्य एवं संगीतमय कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर रेलवे सुरक्षा बल बिलासपुर के पाइप एवं ब्रास बैंड ने अनुशासित एवं मनमोहक संगीतमय प्रस्तुति दी, जिसमें विशेष रूप से राष्ट्रगीत वंदे मातरम की प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के माध्यम से संगीत, अनुशासन एवं सांस्कृतिक सौहार्द का सुंदर समन्वय देखने को मिला। बैंड द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति धुनों, पारंपरिक एवं समकालीन संगीत ने सभी को भावविभोर कर दिया। बैंड सदस्यों की अनुशासित परेड, तालमेल एवं संगीतात्मक उत्कृष्टता ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने बैंड की प्रस्तुति एवं कलाकारों के अनुशासन और संगीतात्मक उत्कृष्टता की सराहना की और प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। यह संगीतमय संध्या न्यायिक गरिमा के साथ सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल रही।
कार्यक्रम से पूर्व, मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर परिसर स्थित बुलंद दरवाज़ा एवं उसके आस-पास के टैरेस गार्डन के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसका उद्देश्य उच्च न्यायालय परिसर के गरिमा, ऐतिहासिक महत्व एवं पर्यावरणीय सौंदर्य को संरक्षित एवं संवर्धित करना था। सौंदर्यीकरण कार्यों के अंतर्गत संरचनात्मक सुधार, हरित विकास, एवं परिसर को अधिक सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे न्यायालय में आने वाले अधिवक्ताओं, पक्षकारों एवं आम नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के सभी न्यायाधीशगण, महाधिवक्ता, डिप्टी सालिसिटर जनरल, वरिष्ठ अधिवक्तागण, अतिरिक्त महाधिवक्ता, उप महाधिवक्ता, अन्य अधिवक्तागण, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री में पदस्थ सभी न्यायिक अधिकारीगण, जिला न्याय प्रशासन के अधिकारीगण, न्यायालयीन अधिकारी एवं कर्मचारी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
