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Tag: मकर संक्रांति

दिल्ली में 81 और आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ, संख्या बढ़कर 319 हुई

दिल्ली में 81 और आरोग्य मंदिरों का शुभारंभ, संख्या बढ़कर 319 हुई

राष्ट्रीय
दिल्ली, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यहां के ग्राम नंगल राया में बुधवार को 81 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया। इससे दिल्ली में आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़कर अब 319 हो गयी है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि मकर संक्रांति पर आज 81 और आरोग्य मंदिरों को जनता को समर्पित किया गया। दिल्ली में सरकार पहले ही 238 आरोग्य मंदिर शुरू कर चुकी है। इन आरोग्य मंदिरों के माध्यम से हम दिल्ली को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए एक सुविधाजनक स्थान प्रदान कर रहे हैं। दिल्ली के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा मिलेगी। हमारा लक्ष्य 1100 आरोग्य मंदिर स्थापित करना है और हम इसे प्राप्त करने के लिए काम कर रहे हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर दिल्ली सरकार के हर घर के पास मुफ्त, सुलभ और सम्मानजनक प्राइमरी हेल्थकेयर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है...
गंगासागर में मकर संक्रांति पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

गंगासागर में मकर संक्रांति पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

राष्ट्रीय
कोलकाता, 14 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रांति पर गंगासागर में आज सुबह लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। त्रेता युग में स्वर्ग से उतरी गंगा ने सागर तट पर स्थित कपिल मुनि के आश्रम के पास भस्म हुए राजा सगर के 60,000 पुत्रों को स्पर्श कर जिस शुभ मुहूर्त में मोक्ष दिया था, उसी शुभ मुहूर्त में सदियों से गंगासागर स्नान की परंपरा है। पुण्य स्नान के शुभ मुहूर्त में देश-दुनिया से पहुंचे तीर्थयात्रियों का गंगासागर में सैलाब उमड़ पड़ा है। राज्य सरकार ने अब तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, लेकिन एक अंदाजा है कि करीब 15 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई है। कपिल मुनि आश्रम के महंत ज्ञान दास ने बताया है कि आज बुधवार रात 9:19 पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा। इसके बाद पुण्य स्नान की शुरुआत होगी और यह गुरुवार दोपहर 1:20 तक जारी रहेगा। इसीलिए मूल रूप से गुरुवार स...
मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव सुरक्षित और पारंपरिक रूप से मनाने की अपील : मुख्यमंत्री साय

मकर संक्रांति पर पतंग उत्सव सुरक्षित और पारंपरिक रूप से मनाने की अपील : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि त्योहार के आस-पास चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं, इसलिए इसका प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है और इसका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, पक्षियों और राहगीरों के लिए भी एक गंभीर खतरा बनता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री साय ने निर्देशित किया कि चीनी मांझा के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिकों को इसके खतरों और कानूनी प्रावधान...
तातापानी महोत्सव : मुख्यमंत्री साय करेंगे 654 करोड़ 42 लाख रुपये के 210 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन

तातापानी महोत्सव : मुख्यमंत्री साय करेंगे 654 करोड़ 42 लाख रुपये के 210 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन

छत्तीसगढ़, राज्य
बलरामपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मकर संक्रांति के पर्व पर 14 जनवरी को आयोजित होने वाले तातापानी महोत्सव में बलरामपुर जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे। इस अवसर पर वह मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए जिले में 654 करोड़ 42 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले कुल 210 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। यह कार्यक्रम जिले के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा 330 करोड़ 96 लाख 21 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 140 विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा, जबकि 330 करोड़ 46 लाख 72 हजार रुपये की लागत से संबंधित 70 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया जाएगा। इन योजनाओं के माध्यम से सड़क, पुल, पेयजल, ऊर्जा, नगरीय एवं ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत किया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को ...
भोपाल में मकर संक्रांति पर रहेगा स्थानीय अवकाश, सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव को मंजूरी दी

भोपाल में मकर संक्रांति पर रहेगा स्थानीय अवकाश, सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रस्ताव को मंजूरी दी

मध्य प्रदेश, राज्य
भोपाल, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को सामान्य प्रशासन विभाग ने मंजूरी दे दी है। यह अवकाश कलेक्टर द्वारा निर्धारित चार महत्वपूर्ण अवसरों में से एक है, जिसमें अनंत चतुर्दशी, महानवमी और भोपाल गैस त्रासदी की बरसी भी शामिल हैं। आगामी अवकाश से 30 हजार से ज्यादा सरकारी अधिकारी एवं कर्मियों को लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि साल में भोपाल में केवल चार ही स्थानीय अवकाश होते हैं, और इस बार रंगपंचमी एवं गणेश चतुर्थी के बजाय अनंत चतुर्दशी और महानवमी को शामिल किया गया है। लगातार छुट्टियों का यह सिलसिला कर्मचारियों को तीन दिन की छुट्टी देने में सहायक होगा। बनाए गए स्थानीय अवकाश इस प्रकार हैं – 14 जनवरी – मकर संक्रांति 25 सितंबर – अनंत चतुर्दशी 19 अक्ट...
मकर संक्रांति 2026: सूर्य उपासना, दान-पुण्य और लोक आस्था का महापर्व

मकर संक्रांति 2026: सूर्य उपासना, दान-पुण्य और लोक आस्था का महापर्व

छत्तीसगढ़, राज्य
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, सूर्य, कृषि, समाज और मानव मूल्यों के संतुलन का अद्भुत उत्सव है। यह पर्व जिले के जनजीवन में गहराई से बसा हुआ है, जहां श्रद्धा के साथ सामाजिक चेतना, सहयोग और सामूहिकता का दृश्य देखने को मिलता है। मकर संक्रांति हर वर्ष जीवन को नई दिशा देने, आत्मचिंतन तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का अवसर प्रदान करती है। वर्ष 2026 में यह महापर्व 14 जनवरी को श्रद्धा और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, इस वर्ष मकर संक्रांति का पुण्य काल दोपहर 3:13 बजे से शुरू होकर 4:58 बजे तक रहेगा। इस समय स्नान, दान, सूर्य पूजन और सेवा कार्य करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है, जिससे लोग इस समय को विशेष महत्व देते हैं। मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश औ...
मकर संक्रांति पर सिद्ध बाबा धाम बनता है श्रद्धा, परंपरा और पर्यटन का संग

मकर संक्रांति पर सिद्ध बाबा धाम बनता है श्रद्धा, परंपरा और पर्यटन का संग

विशेष समाचार
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में घने जंगलों और ऊँची-नीची पहाड़ियों के बीच स्थित सिद्ध बाबा धाम अब सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा, इतिहास, और विकास की जीवंत कहानी बन चुका है। मकर संक्रांति के अवसर पर यह स्थान श्रद्धालुओं से भर जाता है और पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास में डूब जाता है। कुछ वर्ष पहले तक यह प्राचीन शिव मंदिर समय की चुनौतियों का सामना कर रहा था, वहीं आज यह केदारनाथ धाम की तर्ज पर बनाए गए भव्य मंदिर के रूप में श्रद्धालुओं का आकर्षण बन चुका है। रात्रि में जब यह मंदिर रोशनी से जगमगाता है, तो मानो पर्वत पर दिव्यता की छा जाती है। स्थानीय पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग के नोडल अधिकारी और इतिहासकार डॉ. विनोद पांडेय के अनुसार, सिद्ध बाबा धाम की आस्था की जड़ें वर्ष 1928 से जुड़ी हुई हैं। उस समय कारीमाटी क्षेत्र मे...
मकर संक्रांति 2026: बरमान मेले में श्रद्धालुओं के लिए विशाल लंगर शुरू

मकर संक्रांति 2026: बरमान मेले में श्रद्धालुओं के लिए विशाल लंगर शुरू

मध्य प्रदेश, राज्य
सागर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। पुण्य सलिला मां नर्मदा के पावन तट बरमान (ब्रह्मांड घाट) पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मेले को लेकर समूचे बुंदेलखंड में भारी उत्साह देखा जा रहा है। मकर संक्रांति के अवसर पर सागर संभाग के विभिन्न जिलों, तहसीलों और गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु 'बुढ़की स्नान' के लिए बरमान की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की इसी श्रद्धा को देखते हुए मां नर्मदा सेवा संघ द्वारा गौरझामर में हर साल की तरह इस बार भी विशाल निःशुल्क लंगर और भंडारे का शुभारंभ किया गया है। यह आयोजन इस वर्ष 11 जनवरी से प्रारंभ होकर 14 जनवरी तक अनवरत चलेगा। मां नर्मदा सेवा संघ के सदस्यों ने बताया कि पदयात्रियों और श्रद्धालुओं की थकान मिटाने के लिए यहाँ शुद्ध सात्विक भोजन, चाय, नाश्ता और प्राथमिक चिकित्सा की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासनिक निर्माण कार्यों के कारण इस वर्ष लंगर के स्था...
मकर संक्रांति त्योहार के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत

मकर संक्रांति त्योहार के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत

लेख
-पंकज जगन्नाथ जयस्वाल। हर साल 14 जनवरी को मनाए जाने वाले मकर संक्रांति के त्योहार का महत्व भारतीय सौर कैलेंडर के अनुसार है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति में खगोलीय घटनाओं और कृषि चक्रों से जुड़ा हुआ है। मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण होने का संकेत देती है, जो सर्दियों के अंत और फसलों की कटाई की शुरुआत का प्रतीक है। देश के विभिन्न हिस्सों में इस दिन को विभिन्न नामों से मनाया जाता है, जैसे कि उत्तरी भारत में लोहड़ी, असम में भोगली बिहू, और दक्षिण भारत में पोंगल। इस दिन तिल और गुड़ से बने लड्डू का विशेष महत्व है, जो सर्दियों के मौसम में स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी इस उत्सव को सामाजिक समरसता और छुआछूत के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाता है, और आधुनिक परिवेश में पर्यावरण की रक्षा के लिए बायोडिग्रेडेबल पतंग उड़ाने जैसी प्रथाओं को अपनाता है। मकर संक्रांति न...

तातापानी महोत्सव 2026: सुरक्षा का अभेद्य घेरा, 24 घंटे अलर्ट मोड में बलरामपुर पुलिस

छत्तीसगढ़, राज्य
बलरामपुर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। मकर संक्रांति के अवसर पर तातापानी महोत्सव 2026 के आयोजन को लेकर बलरामपुर पुलिस पूरी तैयारी में है। उद्देश्य है लाखों श्रद्धालुओं की भीड़, विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति और सीमावर्ती जिले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और यातायात से संबंधित सभी आवश्यक उपायों को सुनिश्चित करना। पुलिस के अनुसार, महोत्सव का आयोजन 14 से 16 जनवरी 2026 के बीच ग्राम तातापानी में होना तय है, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की उपस्थिति की संभावना है। सुरक्षा को लेकर जिले में चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। ठंड के बावजूद 24 घंटे पुलिस जवान तैनात रहेंगे और मेला क्षेत्र पर नजर रखी जाएगी। यातायात सुचारु रखने के लिए व्यापक प्रबंधन तैयार किया गया है, जबकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का प...