सागर, 12 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। पुण्य सलिला मां नर्मदा के पावन तट बरमान (ब्रह्मांड घाट) पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मेले को लेकर समूचे बुंदेलखंड में भारी उत्साह देखा जा रहा है। मकर संक्रांति के अवसर पर सागर संभाग के विभिन्न जिलों, तहसीलों और गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु ‘बुढ़की स्नान’ के लिए बरमान की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की इसी श्रद्धा को देखते हुए मां नर्मदा सेवा संघ द्वारा गौरझामर में हर साल की तरह इस बार भी विशाल निःशुल्क लंगर और भंडारे का शुभारंभ किया गया है।
यह आयोजन इस वर्ष 11 जनवरी से प्रारंभ होकर 14 जनवरी तक अनवरत चलेगा। मां नर्मदा सेवा संघ के सदस्यों ने बताया कि पदयात्रियों और श्रद्धालुओं की थकान मिटाने के लिए यहाँ शुद्ध सात्विक भोजन, चाय, नाश्ता और प्राथमिक चिकित्सा की विशेष व्यवस्था की गई है।
प्रशासनिक निर्माण कार्यों के कारण इस वर्ष लंगर के स्थान में आंशिक परिवर्तन किया गया है। चरगुवाँ चौराहे पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है, इसलिए लंगर अब चरगुवाँ तिराहे से लगभग 200 मीटर आगे बरमान मार्ग पर बायीं ओर लगाया गया है। संघ ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे नए स्थल पर पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करें।

बरमान मेले की यात्रा अपने आप में अनोखी और दर्शनीय है। सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे श्रद्धालु हाथों में निशान लिए ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते और पारंपरिक ‘बाम्बुलिया’ गीत गाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। भीषण ठंड के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है।
इस अवसर पर, बरकौटी कलां में भी मकर संक्रांति के आयोजन के अंतर्गत वार्षिक मेले का भव्य आगाज हो गया है। पर्वत की तलहटी में विराजमान माता सिंहवाहिनी देवी और भगवान मतंगेश्वर महादेव के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। गौरझामर और बरकौटी के इन आयोजनों ने संपूर्ण क्षेत्र को भक्तिमय और उत्सवपूर्ण बना दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार/मनीष कुमार चौबे
