कीव। युक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए शांति प्रस्ताव को लेकर दुविधा में फंसे जेलेंस्की के सामने एक नई मुसीबत आन पड़ी है। दरअसल हाल ही में देश में करीब 800 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद यूक्रेनी नेताओं की नींदें उड़ी हुई हैं।
जानकारी के मुताबिक देश के ऊर्जा क्षेत्र में हुए इस 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के भ्रष्टाचार मामले में यूक्रेन के कई शीर्ष अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। इन आधिकारियों में जेलेंस्की के सहयोगी और उनके करीबी माने जाने वाले आंद्री यरमक का नाम भी शामिल है। यूक्रेन की भ्रष्टाचार रोधी इकाइयों ने शुक्रवार को जेलेंस्की के मुख्य सचिव यरमक के घर और दफ्तर पर छापेमारी की है।वही
बता दें कि यरमक यूक्रेन के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में से एक हैं और अमेरिका के साथ जारी शांति वार्ताओं में अग्रणी रहे हैं। जेलेंस्की के सहयोगी ने पुष्टि की है कि उनके अपार्टमेंट में भी छापेमारी की गई है। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा कि वह अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और उनके वकील भी मौजूद हैं।
वहीं अधिकारियों ने जेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ के ठिकानों पर चलाए गए इस ऑपरेशन को मौजूदा जांच का हिस्सा बताया है। हालांकि इस बारे में और जानकारी नहीं दी गई कि वे क्या सबूत ढूंढ रहे थे या प्रेसिडेंट के सहयोगी से सीधे तौर पर कौन से आरोप जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल जंग के त्रस्त यूक्रेन में इतने बड़े स्तर पर हुए घोटाले की बात सामने आने से देश के लोगों का गुस्सा भड़क उठा है।
