
कोलकाता, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल में महासप्तमी की शाम दुर्गा पूजा की धूमधाम के बीच एक गंभीर भुगतड़ छिड़ गई। शहर के प्रसिद्ध चोरबगान सार्वजनिक पूजा पंडाल में अचानक हुए धक्का‑मुक्के से कई दर्शनार्थी गंभीर रूप से घायल हो गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कम से कम 15 लोग गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है, जिनमें से कुछ बेहोश बताया जा रहा है और घायल人数 में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्थिति का जायजा लेने और घायल लोगों से मिलने के लिए सीधे अस्पताल की ओर रुख किया।
यह भुगतड़ उत्तर एवं मध्य कोलकाता में अचानक शुरू हुई तेज बारिश के दौरान घटित हुई। बारिश के कारण सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम हो गया था। कई लोग बरसात से बचने के लिए पंडाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे और एक साथ अंदर धकेलने से भीड़भाड़ बढ़ गई। इस दौरान धक्का‑मुक्के ने पंडाल के अंदर एलिवेटेड कॉरिडोर के भीतर भीड़ को फँसाया, जहाँ दर्शक 360 डिग्री घूम कर बाहर निकलते हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस कॉरिडोर में धक्का‑मुक्के के कारण कई लोग नीचे गिर पड़े। कुछ स्रोतों ने यह भी बताया कि पंडाल की संरचना का एक हिस्सा गिरने से यह हादसा हुआ।
सुरक्षा कारणों से पंडाल की लाइटें बुझा दी गई हैं और निकासी द्वार बंद कर दिए गए हैं। कई गवाहों ने कहा कि दुर्घटना के समय न पुलिस न ही सुरक्षा कर्मी समय पर मौजूद थे और मदद का अनुरोध करने पर भी तुरंत सहायता नहीं मिली। पंडाल के आयोजक विकास दास ने कहा, “अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि यह हादसा कैसे हुआ, लेकिन हमारी प्राथमिकता घायल लोगों को शीघ्र अस्पताल पहुँचना है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर हैं। यह भीड़ के दबाव से हुआ भगदड़ है या नहीं, अभी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता।”
चोरबगान सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति ने इस साल अपनी पूजा की थीम “अरब” (अंग्रेजी में “Beyond Sound”) रखी थी, जो शब्दों के परे मौन की गहराई को दर्शाती है। इस अनूठी थीम को प्रदर्शित करने के लिए बनाया गया 360‑डिग्री एलिवेटेड कॉरिडोर ही इस दुखद दुर्घटना का केंद्र बना। प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच और बचाव कार्य को “युद्ध स्तर” पर चलाने की घोषणा की है।
