
धर्मशाला, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। पुलिस जिला नूरपुर द्वारा नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत ज्वाली के नशा तस्कर के अवैध आय से उत्पन्न 74.12 लाख 12 हज़ार 854 रुपये मूल्य की संपत्तियों को NDPS अधिनियम के तहत फ्रीज कर दिया गया है। यह कदम नई दिल्ली के सक्षम प्राधिकारी द्वारा पुष्टि के बाद लागू किया गया।
अपराधिक केस के अंतर्गत, 6 अक्टूबर 2025 को ज्वाली थाना में मादक पदार्थों से जुड़ी घटना के लिए आरोपी रमेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बाद में उसके संपत्ति पर वित्तीय जाँच शुरू की, जिसमें उसके आवासीय भवन, सह-शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और ट्रैक्टर सहित कई परिसंपत्तियाँ पाई गईं। फ्रीजिंग के निर्णय के लिए 18 सितंबर 2026 को संबंधित दस्तावेज़ों को सक्षम प्राधिकारी के पास भेजा गया, जिस पर आदेश जारी करके फ्रीजिंग की पुष्टि की गई।
ASP ने बताया, “इस कार्रवाई से नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने तथा अवैध आय पर कानूनी शिलंजा कसने में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।” उन्होंने यह भी कहा, “संपत्तियों के अधिग्रहण और वित्तीय स्रोतों की जाँच के बाद, फ्रीजिंग आदेश के तहत इन परिसंपत्तियों को कानूनी शर्तों के अनुसार रखा गया है।”
संपत्ति का कुल निर्धारित मूल्य 68 लाख 99 हज़ार 462 रुपये है। दो परिसंपत्तियाँ, जो आरोपी अंकित चौधरी पुत्र रमेश चंद (उर्फ महेशी) के नाम पर पंजीकृत हैं, का कुल मूल्य 74 12 854 रुपये है।
कांगड़ा जिले के ज्वाली थाना के तहत गांव लभ, डाकघर मकड़ाहन, तहसील ज्वाली में स्थित दो मंजिला भवन, जिसमें सात दुकानें हैं, को भी फ्रीज किया गया है। आदेश के अनुसार, बिना आवश्यक अनुमति के इन परिसंपत्तियों का हस्तांतरण या किसी भी प्रकार का लेन-देन संभव नहीं है।
इस अभियान के अंतर्गत नूरपुर पुलिस ने कुल 30,70,05,711 रुपये (30 करोड़ सतर लाख पाँच हज़ार सत्तर ग्यारह) मूल्य की संपत्तियों को जब्त कर लिया है, जो नशा तस्करों के विरुद्ध पुलिस की लगातार प्रतिबद्धता और प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
